भारतीय जतना पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विधार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ पर कब्जा करने के बाद अब लाल दुर्ग कहे जाने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में भी सेंध लगाई है।
कई साल बाद जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ने अपनी उपस्थिती दर्ज कराते हुए संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल की है।
हालांकि शीर्ष तीन पदों पर वामपंथी विचाराधारा से जुड़ी आईसा और एआईएसएफ ने अपना दबदबा कायम रखा। अध्यक्ष पद पर एआईएसएफ उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने जीत हासिल की। उन्हें 1029 वोट मिले।
जेएनयू छात्र संघ में इस बार कश्मीर का भी रंग चढ़ा। आईसा की महिला उम्मीदवार और कश्मीर की रहने वाली शेहला राशिद शोरा ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया। उन्हें 1387 वोट मिले। (शेहला के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
एबीवीपी ने लगाई लाल दुर्ग में सेंध
जनरल सेक्रेटरी पद पर आईसा उम्मीदवार रमा नागा ने जीत हासिल की। उन्हें कुल 1159 वोट मिले। नागा को एबीवीपी उम्मीदवार ने कड़ी टक्कर दी। नागा को मिले 1159 मतों के मुकाबले एबीवीपी प्रत्याशी को कुल 946 वोट मिले।
जेएनयू चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण है भगवा मानी जाने वाली आरएसएस की आनुषंगिक इकाई एबीवीपी का दखल। एबीवीपी उम्मीदवार सौरभ शर्मा ने ज्वांइट सेक्रेटरी पद पर 1154 मतों के साथ जीत हासिल की।
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में विभिन्न उम्मीदवारों को मिले मतों की संख्या इस प्रकार रही...
President:
AISF - 1029
AISA - 962
ABVP - 924
SFI - 549
DSF - 326
Vice-president
AISA - 1387
ABVP - 1153
SFI - 1085
General Secretary
AISA - 1159
ABVP - 946
SFI - 864
DSF - 542
Joint Secretary
ABVP - 1154
AISA - 1126
SFI - 860
DSF - 449
ABVP
14 साल बाद खिला भगवा रंग
14 साल बाद जेएनयू छात्र संघ चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को किसी पद पर सफलता मिली।
आखिरी बार 2001 में संबित पात्रा ने यहां के छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी। फिलहाल संबित पात्रा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर हैं।
चुनाव में चार मुख्य पदों के साथ ही जेएनयू के विभिन्न स्कूलों से संबद्घ 31 काउंसलर भी चुने गए। बता दें कि 11 सितंबर को जेएनयू चुनाव के लिए मतदान हुआ था।
इस बार चुनाव में 53% वोट पड़े। सेंट्रल पैनल के लिए कुल 22 प्रत्याशियों ने चुनाव में अपना भाग्य आजमाया जबकि काउंसलर पद के लिए कुल 83 उम्मीदवारों के बीच चुनाव हुआ।