बीते साल जेएनयू में जय भीम के नारे लगाने पर एनएसयूआई नेता सन्नी धीमान पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रॉक्ट्रोरियल जांच के बाद नोटिस जारी कर उन्हें जुर्माना राशि दस दिन के भीतर जमा करने को कहा है। वहीं, छात्र नेता का आरोप है कि छात्रों को डराने और धमकाने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है।
धीमान ने बताया कि 11 से 28 मई तक वह इंग्लैंड गये थे, उस दौरान नोटिस जारी किया गया है। चौथे वर्ष के पीएचडी पंजीकरण भी रोक दिया गया है। 14 अप्रैल 2017 को सेंट्रल लाइब्रेरी का नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर रखने को लेकर समारोह का आयोजन किया गया था।
इस दौरान बाबा साहेब पर कुलपति के भाषण के संबंध में एक सवाल कर विरोध जताया। कुलपति और रजिस्ट्रार से सवाल का जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने जय भीम के नारे लगाए थे। इन्हीं नारों को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। छात्र नेता ने कहा कि उनकी एक सेमेस्टर की फीस 180 रुपये हैं। जबकि मुझ पर भारी भरकम दस हजार का जुर्माना लगाया गया है।