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जेएनयू नारेबाजी विवाद: चार्जशीट पर 19 को विचार करेगी अदालत, कन्हैया समेत 10 पर देशद्रोह का आरोप

Tue, 15 Jan 2019 11:59 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • तीन साल की जांच के बाद कन्हैया समेत 10 पर देशद्रोह का आरोप पत्र
  • संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विरोध में जेएनयू में लगे थे देश विरोधी नारे
  • पुलिस ने देशद्रोह के अलावा लगाई दंगा, अवैध भीड़ जमा करने की धारायें
  • पुलिस ने रखा तर्क सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य
  • आरोप पत्र पर 19 जनवरी को सीएमएम की अदालत में सुनवाई होगी
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जेएनयू देशद्रोह मामले में चार्जशीट दाखिल - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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विस्तार
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दिल्ली की एक अदालत ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय संघ (जेएनयूएसयू) के अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ 2016 के जेएनयू देशद्रोह मामले में दायर आरोप पत्र पर विचार करने के लिए मंगलवार को 19 जनवरी की तारीख तय की। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत के मंगलवार को छुट्टी पर होने के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए तारीख तय की।

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जेएनयू नारेबाजी विवाद मामले में दिल्ली पुलिस ने करीब तीन साल की जांच के बाद सोमवार को जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य समेत दस आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह व अन्य धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया।

9 फरवरी 2016 की रात जेएनयू कैंपस में संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में यह नारेबाजी हुई थी। इस मामले में उसी साल 12 फरवरी को कन्हैया कुमार को गिरफ्तार भी किया गया था।
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आरोपपत्र के अनुसार इस कार्यक्रम में देश विरोधी व भड़काऊ नारे लगाये गए थे। कार्यक्रम में जेएनयू, जामिया व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने कथित रूप से हिस्सा लिया था। कश्मीरी छात्रों ने भी नकाब पहनकर नारेबाजी मे हिस्सा लिया था लेकिन शिकायत के बाद वे वहां से भागने लगे। इस दौरान उनके नकाब उतर गए और वे कैमरों की नजर में आ गए थे। इससे उनकी पहचान हो गई।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस अदालत के लिंक मजिस्ट्रेट सुमित आनंद के समक्ष आरोप पत्र दायर किया। इस आरोप पत्र पर मंगलवार को सीएमएम दीपक सेहरावत के समक्ष सुनवाई होगी।

पुलिस ने देशद्रोह के अलावा लगाई दंगा, अवैध भीड़ जमा करने की धारायें

कन्हैया कुमार
दिल्ली पुलिस ने इन आरोपियों के अलावा 36 लोगों को आरोप पत्र में कॉलम नंबर 12 (यानी संदिग्ध) में रखा है यानी इन लोगों की गिरफ्तारी लायक साक्ष्य पुलिस को जांच में नहीं मिले। इनमें जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद, सीपीआई नेता डी राजा की बेटी अपराजिता, रामा नागा, आशुतोष कुमार, ईशान व अंबेडकर विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर बानोज्योत्सना लाहिरी को रखा गया है।

थाना वसंत कुंज पुलिस ने 11 फरवरी 2016 को भाजपा सांसद महेश गिरी व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायत पर देशद्रोह व आपराधिक साजिश की धाराओं में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

केस की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस आयुक्त ने जांच स्पेशल सेल को सौंप दी थी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से अवैध था। इसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस के मुताबिक कन्हैया ने वहां मौजूद भीड़ को देश विरोधी नारे लगाने के लिए उकसाया था।
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1200 पन्नों का है आरोप पत्र

पुलिस का यह आरोप पत्र करीब 12 सौ पन्नों का है जिसका मुख्य भाग करीब 50 पन्नों का है। इसमें 10 वीडियो फुटेज, मोबाइल वीडियो फुटेज व दस्तावेजी साक्ष्य शामिल हैं। पुलिस ने कार्यक्रम के पोस्टरों को साक्ष्य के तौर पर पेश किया है। पुलिस ने 90 से ज्यादा लोंगों को गवाह बनाया है। इनमें छात्रों व सुरक्षाकर्मियों के बयान शामिल हैं। 

इनके खिलाफ दायर हुई चार्जशीट
इस मामले में कन्हैया, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को गिरफ्तार गया था और उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इनके अलावा आरोप पत्र में सात कश्मीरी छात्रों मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, आकिब हुसैन, रईस रसूल, बशारत अली, उमर गुल, खालिद बशीर भट्ट को भी नामजद किया गया है। इन आरोपियों को गिरफ्तार नही किया गया था। 

पुलिस ने ये धाराएं लगाईं
स्पेशल सेल ने आरोप पत्र में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124, 323, 143, 147, 149 व 120बी के तहत देशद्रोह, मारपीट, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करना, अवैध भीड़ जमा करना, अवैध भीड़ का हिस्सा बनना, दंगा करना तथा आपराधिक साजिश करने की धारायें लगाई हैं। पुलिस ने आरोपपत्र में तर्क रखा हे कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ उक्त धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है। ऐसे में सभी पर मुकदमा चलाया जाए।
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