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JNU: रामदेव के विरोध पर शेहला को आपत्तिजनक भाषा में खत

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में बाबा रामदेव के दौरे का विरोध करने के मामले में जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद सोरा ने आपत्तिजनक भाषा में मिले पत्र की राष्ट्रीय महिला आयोग से शिकायत की है।
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आयोग को ईमेल से भेजी शिकायत में शेहला ने लिखा है कि महिलाओं को अपनी राय देने पर अकसर आपत्तिजनक शब्दों के प्रहार झेलने पड़ते हैं।

हालांकि राजनैतिक पार्टियों से जुड़े मामलों में नेताओं को इसमें दखल देकर कार्यकर्ताओं को रोकना चाहिए। इसलिए आयोग इस मामले में संज्ञान लेते हुए नेताओं के लिए दिशा-निर्देश तय करे।
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अभद्र भाषा का प्रयोग बेहद शर्मनाक है

शेहला राशिद के मुताबिक, विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में बाबा रामदेव का विरोध जायजा था। मेरे विरोध की जमकर आलोचना हुई। आलोचना तक ठीक था, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर पत्र भेजने तक में जिस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, वह बेहद शर्मनाक है।

मैं राष्ट्रीय महिला आयोग से मांग करती हूं कि महिला को राजनैतिक या गैर राजनैतिक मामले में अपने विचार रखने की आजादी हो। यदि विचार राजनैतिक हस्तियों पर हो, तो नेताओं की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि वे विचारों का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर अंकुश लगाएं।

बता दें कि दिसंबर में जेएनयू द्वारा योग पर आधारित कार्यक्रम में बाबा रामदेव को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। आइसा के बैनर तले शेहला ने यह कहकर विरोध किया था कि बाबा रामदेव शिक्षाविद नहीं हैं, फिर उन्हें क्यों बुलाया जा रहा है।
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