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JNU छात्र लापता मामला: दिल्ली पुलिस ने नजीब की मां समेत छात्रों को हिरासत में लिया, देर शाम रिहा

Sun, 06 Nov 2016 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
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नजीब की मां को मायापुरी पुलिस थाने ले दिल्ली पुलिस
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जेएनयू से 15 नवंबर से लापता छात्र नजीब अहमद की जांच के लिए इंडिया गेट पहुंच रहे छात्रों को पुलिस ने नेशनल म्यूजियम और नेशनल आर्किंव सेंटर के सामने से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने नजीब की मां फातिमा को भी धक्के मारे और घसीटा। वहीं अन्य पर लाठीचार्ज किया। हालांकि, पुलिस इस आरोप से इनकार कर रही है। 
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नजीब को तलाशने में दिल्ली पुलिस के नाकाम रहने के चलते जेएनयू छात्रसंघ ने रविवार दोपहर को इंडिया गेट पर धरने की कॉल दी थी। इस विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अंबेडकर यूनिवर्सिटी समेत एनएसयूआई, सीवाईएसएस के सदस्य भी शामिल हुए। इंडिया गेट पर धारा 144 होने के चलते दिल्ली पुलिस ने धरने की छात्रसंघ को इजाजत नहीं दी थी। छात्रों को जंतर-मंतर पर विरोध के लिए कहा गया था।

छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाली सड़कों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया था। छात्र इंडिया गेट जाने के लिए नेशनल म्यूजियम और नेशनल आर्किव सेंटर पर एकत्रित हुए। इसी बीच पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू कर दिया। 
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प्रदर्शनकारियों में नजीब की मां फातिमा और बहन भी शामिल थी। वे बस में चढ़ने के लिए तैयार नहीं थी। इसी बीच प्रदर्शनकारियों व पुलिस की धक्कामुक्की में नजीब की मां गिर गईं। बाद में पुलिस ने उठाते हुए बस में बिठाकर मायापुरी पुलिस स्टेशन ले गई, जहां बाद में सभी को छोड़ दिया गया। इस विरोध प्रदर्शन के चलते इंडिया गेट, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस तक ट्रैफिक बाधित रहा। क्योंकि पुलिस ने कई सड़कों को बंद कर रखा था। 
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नजीब की मां से मिलने मायापुरी थाने पहुंचे केजरीवाल

जेएनयू से लापता छात्र नजीब की मां से मुलाकात करने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार शाम करीब छह बजे मायापुरी थाना पहुंचे। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले विधायकों का जमावड़ा थाने के आसपास हो गया। देखते ही देखते आप कार्यकर्ता थाने के आसपास जमा हो गए। लेकिन मुख्यमंत्री के आने की भनक लगते ही पुलिस नजीब की मां अपने साथ लेकर थाने से बाहर निकल गई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि उन्हें उनके घर छोड़ दिया गया। 

उधर, आम आदमी पार्टी समर्थकों ने थाने के सामने जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें नजीब की मां से मिलना है। इसपर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि नजीब को पुलिस छोड़ चुकी है। लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तभी थाने से जायेंगे, जब नजीब के मां के घर पहुंचने की जानकारी मिल जायेगी। करीब आठ बजे जब मुख्यमंत्री को सूचना मिली कि नजीब की मां घर पहुंच चुकी हैं उसके बाद वह थाने से बाहर निकले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली संदेहों के घेरे में है। नजीब को अभी तक ढूंढा नहीं जा सका है। इससे बड़ी लापरवाही भला और क्या हो सकती है। 

प्रदर्शन में किसी के साथ नहीं हुई हाथापाई : पुलिस 
जेएनयूएसयू की ओर से नजीब के मामले में इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से कोई बल प्रयोग व किसी से कोई हाथापाई नहीं की गई है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इंडिया गेट पर धारा 144 लागू होने से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोका गया था और उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया, लेकिन प्रदर्शन में शामिल छात्र पुलिस की बातों को अनसुना कर इंडिया गेट की ओर बढ़ने लगे। इसमें नजीब की मां भी शामिल थी।

पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया और बस में डालकर थाने ले गए। पुलिस के मुताबिक नजीब की मां फातिमा के साथ जेएनयू के छात्रों के एक समूह को बस से मायापुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। नजीब की मां के साथ चार महिला पुलिसकर्मी मौजूद थे। अब उन्हें घर पर छोड़ा जा रहा है। 
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