देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को विशेष अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दोनों को आरके पुरम थाने में सफदरजंग एंक्लेव स्थित एसीपी कार्यालय में बनाई गई विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
वहीं अदालत ने पुलिस के आग्रह पर पहले से गिरफ्तार कन्हैया को बुधवार को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देशानुसार मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन शाम को विशेष अदालत में पंहुचे।
पुलिस ने अदालत के समक्ष उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को पेश किया। इस दौरान दोनों आरोपियों के अधिवक्ता व सरकारी वकील और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ही उपस्थित थे। किसी भी अन्य व्यक्ति को अदालत में जाने की इजाजत नहीं थी।
पुलिस ने मांगी थी सात दिन की रिमांड
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि इन दोनों ने रात में समर्पण किया था और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने दोनों को सात दिन का पुलिस रिमांड स्वीकार करने का आग्रह करते हुए बताया कि वे 9 फरवरी को जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इस दौरान भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की गई।
उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई उस समय कुछ बाहरी लोग भी वहां मौजूद थे और उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे। इसके अलावा आरोपी काफी दिनों से फरार रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जांच में इन दोनों के अलावा कई अन्य के खिलाफ काफी साक्ष्य सामने आए हैं। इन दोनो से पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के अलावा उन बाहरी लोगों का भी पता लगाना है जो चेहरे ढककर भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
जान को खतरा होने के कारण ही सामने नहीं आए थे दोनो
दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकीलों ने सभी आरोप वेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके मुवक्किलों को फर्जी मामले में फंसाया गया है। इनके खिलाफ देशद्रोह का कोई साक्ष्य नहीं है और पुलिस दबाव में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल हमेशा जांच में सहयोग के लिए तैयार रहे हैं लेकिन जान को खतरा होने के कारण ही सामने नहीं आए थे। कन्हैया से मारपीट से इस तथ्य की पुष्टि भी हुई है।
इसके अलावा पुलिस ने रात से पूछताछ की है और अब रिमांड का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं और जांच के लिए जरूरी है कि उनसे विस्तृत पूछताछ की जाए।
अदालत ने कहा कि जांच हित में वे दोनों का तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड स्वीकार कर रहे हैं। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आरोपियों की सुरक्षा का पूरा प्रबंध किया जाए।
कन्हैया को कल पेश किया जाएगा
जांच अधिकारी ने कन्हैया को पुन: रिमांड पर लेने के लिए आवेदन दायर किया। उन्होंने कहा कि कन्हैया को इन दोनों के आमने सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है।
उन्होंने कहा कि तीनों अलग-अलग बयान दे रहे हैं और सामने बैठाकर पूछताछ करने से सभी तथ्यों का खुलासा हो जाएगा। ऐेसे में कन्हैया का रिमांड प्रदान किया जाए।
अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार कर कन्हैया के प्रोडक्शन वारंट जारी करते हुए तिहाड़ जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि उसे कल अदालत के समक्ष पेश किया जाए।