जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अब एनएसयूआई के एकमात्र प्रत्याशी प्रशांत कुमार की उम्मीदवारी पर तलवार लटक गई है। शुक्रवार देर रात निकाले गए मशाल जुलूस में कांग्रेस और गुजरात पाटीदार आंदोलन नेता हार्दिक पटेल को बुलाना उन्हें महंगा पड़ गया है।
सूत्र बताते हैं कि चुनाव समिति ने हार्दिक पटेल को बुलाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। छात्रसंघ चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता के कारण कोई बाहरी व्यक्ति चुनाव प्रचार नहीं कर सकता। सूत्र बताते हैं एनएसयूआई की जेएनयू इकाई ने हार्दिक पटेल को जुलूस में बुलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन चुनाव समिति ने इसकी मंजूरी नही दी। इस कारण हार्दिक जेएनयू तो पहुंचे लेकिन जुलूस में शामिल नहीं हुए।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी नोटिस दिया गया था, जिसके जवाब में पटेल के वहां होने को लेकर एनएसयूआई ने अनभिज्ञता जताई थी। यह जवाब संतोषजनक नहीं होने पर शनिवार को दोबारा नोटिस दिया गया। जवाब देने के लिए उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है।
वहीं, नोटिस मिलने की बात पर एनएसयूआई ने अनभिज्ञता जताई है और कहा कि हार्दिक आए थे, लेकिन जुलूस में शामिल नहीं हुए। एनएसयूआई का आरोप है कि प्रशासन जान-बूझकर परेशान कर रहा है।