दुष्कर्म की पीड़ित जेएनयू छात्रा ने 2 अगस्त की रात 8 बजे मंदिर मार्ग स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से कैब ली थी। उस समय एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में ओला और उबर की 70 कैब थीं। इनमें से 95 नंबर की कोई कैब नहीं थी। उबर और ओला ने दिल्ली पुलिस को मंगलवार को सौंपी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
दूसरी तरफ, दुष्कर्म के आरोपी कैब चालक का मंगलवार शाम तक कुछ पता नहीं चला था। नई दिल्ली जिले के स्पेशल स्टाफ, विजिलेंस ब्रांच समेत कई यूनिटों को आरोपी की तलाश में लगाया गया है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुष्कर्म पीड़ित जेएनयू छात्रा ने शिकायत में कहा था कि जिस कैब चालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया, उसकी कैब के आखिर में नंबर 95 था।
मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने उबर व ओला को पत्र लिखा था कि 2 अगस्त को रात 8 बजे मंदिर मार्ग व आसपास कितनी कैब थीं। दोनों कंपनियों ने मंगलवार को दिए जवाब में बताया कि उनकी करीब 70 कैब एक से डेढ किमी के दायरे में थीं। इनमें किसी भी कैब का नंबर 95 नहीं है।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर लगे तीन से चार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 2 अगस्त को शाम साढ़े सात बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक छात्रा इसमें दिखाई नहीं दे रही है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को छात्रा को बुलाकर रूट की पहचान करने का प्रयास किया, लेकिन छात्रा पहचान नहीं कर पाई थी। मंदिर मार्ग थाने के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के बयानों में विरोधाभास आ रहा है। वह अपने बयान पलट रही है।
वह कभी कुछ बता रही है और कभी कुछ। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्रा ने शिकायत में कहा है कि कैब चालक ने जब उसे आईआईटी के पास पार्क में फेंक दिया था तो उसे सामने एक थाना दिखा।
इस थाने के सामने दो महिला पुलिसकर्मी व दो पुरुष पुलिसकर्मी खड़े थे। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे जेएनयू छोड़ने से मना कर दिया था। इस वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि उस थाने की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया।
थाने की फुटेज में छात्रा खड़ी हुई दिखाई दे रही है और उसके कपड़े ठीक थे। छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसके कपड़े फटे हुए थे। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने इस थाने का नाम बताने से इनकार कर दिया।
दो जिलों की पुलिस में सीमा विवाद
इस मामले को लेकर नई दिल्ली और दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस आपस में भिड़ रही हैं। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लड़की वसंत कुंज थाना इलाके में मिली। इसलिए वहां एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। उधर, दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रा ने कैब मंदिर मार्ग से ली थी।
अत: मामला मंदिर मार्ग थाने का ही बनता है। इस मामले में मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने ही एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले दोनों जिलों की पुलिस में काफी तू-तू मैं-मैं हुई थी। ये हालत तब है, जबकि दोनों जिले एक ही रेंज नई दिल्ली में आते हैं। दोनों का संयुक्त पुलिस आयुक्त एक ही है।