छात्रों ने इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) की बैठक के मिनट्स का हवाला देते हुए कहा कि इन नियमों के तहत मेस शुल्क, स्वच्छता शुल्क, रूम शुल्क आदि में हर अकादमिक वर्ष (मानसून सत्र से) में 10 फीसदी बढ़ोतरी होगी, जिससे छात्रों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।’
छात्रसंघ ने याचिका में कहा कि नए फीस नियमों के तहत छात्रों को 1,700 रुपये प्रति महीने सेवा शुल्क का भुगतान करना तय किया गया था। इस शुल्क को बाद में प्रशासन ने वापस ले लिया। सिंगल कमरे का किराया 20 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। डबल शेयरिंग कमरे का शुल्क 10 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।