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देशद्रोह केस में जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद को कोर्ट से मिली बड़ी राहत

Tue, 10 Sep 2019 10:22 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शेहला राशिद - फोटो : ani
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद को देशद्रोह मामले में राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है। इसका अर्थ ये है कि अभी देशद्रोह के मामले में दायर एफआईआर के चलते उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

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गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया है। मामला सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की शिकायत पर दर्ज किया गया है।

शेहला राशिद पर जम्मू-कश्मीर को लेकर सेना के खिलाफ झूठे, विसंगत, राष्ट्रविरोधी ट्वीट्स करने और फर्जी खबरें फैलाने का आरोप है। बीते शुक्रवार शाम तक शेहला राशिद को गिरफ्तार नहीं किया गया था। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के लिए बाद ही गिरफ्तारी होगी।

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जम्मू-कश्मीर और सेना को लेकर एक के बाद एक 10 ट्वीट किए थे

स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस के डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि शेहला राशिद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त से शिकायत की थी।

शेहला पर आरोप है कि उन्होंने 18 अगस्त को जम्मू-कश्मीर और सेना को लेकर एक के बाद एक 10 ट्वीट किए थे। शेहला ने भारतीय सेना पर कश्मीर के लोगों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया था। सेना ने आरोपों का खंडन करते हुए इसे झूठा करार दिया था।

आरोप है कि शेहला के ट्वीट को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भारत और सेना के खिलाफ खबरें चलीं। शिकायत में आरोप है कि शेहला ने हिंसा भड़काने के इरादे से जान-बूझकर देश के खिलाफ खबरें फैलाईं और ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने की कोशिश की। अलख आलोक ने दिल्ली पुलिस से मांग की थी कि मामला दर्ज कर शेहला को गिरफ्तार करना चाहिए। 
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि शेहला ने 18 अगस्त को किए ट्वीट में दावा किया था कि कश्मीर में मौजूदा हालात बेहद खराब हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील ने शेहला राशिद के खिलाफ आपराधिक शिकायत कराई थी।

डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि शेहला के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए (धर्म व भाषा के आधार पर नफरत फैलाना), 153 (उपद्रव फैलाने के आशय से कोई काम करना), 504 (शांति भंग करने के आशय से काम करना) और 505 (अफवाह फैलाना) के तहत 3 सितंबर को मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार शाम तक शेहला को गिरफ्तार नहीं किया गया था। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ भी देशद्रोह का मामला दर्ज है।

शेहला ने देहरादून में भी दिया था विवादित बयान
शेहला ने पहले भी विवादित बयान दिया था। फरवरी, 2019 में शेहला ने देहरादून में कश्मीरी छात्रों को बंधक बनाने को लेकर कथित तौर पर झूठी टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद देहरादून पुलिस ने शेहला के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया था।
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