हाईकोर्ट ने राजद्रोह के मामले में आरोपी छात्र उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य के खिलाफ 28 सितंबर तक कार्रवाई करने पर रोक अवधि बढ़ा दी है। वहीं दो अन्य छात्रों की याचिका पर कार्रवाई करने पर रोक लगाते हुए जेएनयू प्रशासन से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के समक्ष जेएनयू की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि दोनों छात्रों के खिलाफ जवाब दाखिल करने और कुछ अतिरिक्त
दस्तावेज पेश करने के लिए और वक्त की जरूरत है। इतना ही नहीं जेएनयू के वकील ने हाईकोर्ट को भरोसा दिया है कि मामले में लंबित रहने तक छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
हाईकोर्ट ने सोमवार को जेएनयू के अपीलीय प्राधिकार द्वारा जारी उस आदेश पर 8 सितंबर तक लागू नहीं करने का निर्देश दिया था, जिसमें इसी साल 9 फरवरी के विवादित कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में खालिद और अनिर्बन सहित कुछ अन्य छात्रों को अनुशासनहीनता का दोषी ठहराए जाने को सही ठहराया गया है।