ब्रेन डेड घोषित होने की प्रक्रिया पूरी होने और परिजनों की ओर से अंगदान के लिए हामी भरने के बाद अंगों को दूसरे मरीजों को प्रत्यारोपित करने के लिए शरीर से निकाला गया, लेकिन लिवर प्रत्यारोपित नहीं किया जा सका।
हालांकि, दान किए गए दोनों किडनी को एम्स में ही भर्ती दो मरीजों को प्रत्यारोपित किया गया और कॉर्निया एम्स के नेत्र बैंक में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
गत 2 सितंबर को सड़क हादसे में घायल उत्तम नगर के एक 30 वर्षीय युवक को इलाज के दौरान स्थिति खराब हो गई, जिसके बाद उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ब्रेन डेड घोषित किया गया।