जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट को अब तक दिल्ली सरकार की अनुमति नहीं मिली है। जनवरी माह में बगैर दिल्ली सरकार की अनुमति के दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी थी।
देशद्रोह मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पूर्व राज्य सरकार की मंजूरी लेना जरूरी होता है। मामले पर बृहस्पतिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई है। माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस अब अदालत से अगली तारीख मांग सकती है।
जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी मामले में दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य समेत सात कश्मीरी छात्रों को मुख्य आरोपी बनाते हुए चार्जशीट में 36 नामों का जिक्र किया है। इसमें देशद्रोह की धाराओं को भी जोड़ा गया है।
देशद्रोह के मामले में पुलिस को अनुमति दिल्ली सरकार का लॉ डिपार्टमेंट देता है। अनुमति लेने के लिए बाद में फाइल को एलजी के पास भी भेजा जाता है। फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से मामले में पुलिस को अनुमति नही मिली है। दिल्ली सरकार की अनुमति के बिना कोर्ट आरोप पत्र पर संज्ञान नही लेगा।