जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद ने दिल्ली दंगों की साजिश मामले में जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला 22 जुलाई को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और उस पर आपराधिक साजिश, दंगा, गैरकानूनी सभा के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत कई अन्य अपराधों का आरोप लगाया गया था, तब से वह जेल में है। यह उसकी जमानत याचिका का दूसरा दौर है। ट्रायल कोर्ट ने पहली बार मार्च 2022 में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसने भी अक्तूबर 2022 में उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया> Fसके बाद उन्हें शीर्ष अदालत में अपील दायर करनी पड़ी।