दो दिन पहले रविवार को एसटीएफ की गिरफ्त में आया सुंदर भाटी का साथी जीतेंद्र उर्फ जीतू बचपन से ही आपराधिक मानसिकता का था। 19 नवंबर 2012 को प्रधानी के चुनाव का विरोध करने वाले उसने कटार सिंह और उनकी पत्नी की जखैता में 140 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। एसटीएफ से पूछताछ में उसने यह कबूल किया है। वह अधिकतर समय अपने साथी बलराज के साथ रहता था। एनसीआर क्षेत्र में उनके नाम लूट, रंगदारी वसूलने और जमीनी रंजिश में हत्याओं के मामले दर्ज हैं।
एसटीएफ के एसपी अजय सहदेव ने बताया कि जीतू अक्सर कार्बाइन का इस्तेमाल करता था। वो और बलराज दोनों आपराधिक पृष्ठभूमि के थे। साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत भी थे। 1990 में उसने साथियों के साथ मिलकर गांव में ही हत्या की थी। इसके बाद से वह फरार हो गया।
उसने गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ा और जीत भी गया। इस चुनाव में कटार सिंह और गुलाब सिंह ने उसका विरोध किया था। इसके चलते उसने जखैता में कटार सिंह और उनकी पत्नी की हत्या कर दी थी। इसके बाद गुलाब सिंह को पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। 17 फरवरी 2014 को जीतू और बलराज पुलिस को चकमा देकर गुलाब सिंह को शिकारपुर ले गए और वहां उसकी हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि गुलाब सिंह को करीब 80 गोलियां मारी गई थीं।
वहीं, कटार सिंह के चाचा का बेटा विपिन उर्फ लाला दोनों हत्याओं के मामले की पैरवी कर रहा था। दोनों ने अप्रैल 2014 में थाना देहात बुलंदशहर के यमुनापुरम कॉलोनी के पास हाईवे पर शाम को लाला की हत्या की थी। उसे करीब 50 गोलियां मारी गईं थी। इससे पहले 1994 में जीतू ने लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था।