इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस में ग्रीनफील्ड कैटेगिरी के तहत रिलायंस फाउंडेशन के जियो इंस्टीट्यूट के चयन का छात्र संगठनों ने भी विरोध शुरू कर दिया है।
शास्त्री भवन स्थित मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर बुधवार को एनएसयूआई और एआईएसएफ के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रिलायंस को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान का कहना था कि इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत जियो इंस्टीट्यूट का चयन कर लिया गया, जबकि संस्थान अभी सिर्फ कागजों में हैं। इसके चयन के आधार की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
उधर, एआईएसएफ के महासचिव विश्वजीत कुमार ने कहा कि सरकार जियो इंस्टीट्यूट को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के नाम पर सुविधाएं मुहैया कराएगी, जो गलत है। मोदी सरकार ने रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी संस्थानों को पीछे धकेला है। प्रदर्शनकारी सरकार के विरोध वाली पट्टियां भी लिए थे।