11 साल पुराने जिगिषा घोष हत्याकांड के दोषी रवि कपूर ने मेडिकल आधार पर 8 सप्ताह की पैरोल के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में अगली सुनवाई 15 जून को होगी। न्यायमूर्ति अपून भंभानी की एकल पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया।
याचिका में रवि कपूर के वकील ने दलील दी कि उनका मुवक्किल एक जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। उसे सांस लेने में कठिनाई, मानसिक बीमारी, फिस्टुला, डिस्क और मूत्र संबंधी बीमारियां हैं। वकील ने इस संबंध में 2 मई की एक मेडिकल रिपोर्ट पीठ के समक्ष पेश करते हुए कहा कि उनका मुवक्किल 11 सालों से न्यायिक हिरासत में है। कोविड19 महामारी के समय में उसके स्वास्थ्य को देखते हुए 8 सप्ताह का पेरौल दिया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि साउथ दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 18 मार्च 2009 को सुबह करीब 4 बजे 28 वर्षीय जिगिषा घोष को उनके घर के पास से किडनैप किया गया था। इस दौरान उन्हें उनकी ऑफिस कैब ने उनके घर के पास छोड़ा था। उस वक्त वे हेविट एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ऑपरेशन मैनेजर थीं।
पुलिस ने जिगिषा घोष का शव 20 मार्च 2009 को हरियाणा के सूरजकुंड इलाके से बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में रवि कपूर और अन्य दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले के साथ ही रवि कपूर 2008 में टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में भी अदालती कार्यवाही का सामना कर रहा है।