सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में समस्या और समाधान पर आयोजित खुले मंच पर एडीजी आनंद कुमार ने कहा कि जिले को अपराध मुक्त बनाने के लिए अपराधियों का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद अपराधियों पर कार्रवाई होगी। साइबर क्राइम से निपटने के लिए उपाय किए जाएंगे। जेवर कांड को खोलने के लिए कोई समय सीमा देना उचित नहीं होगा। इसके बावजूद एक सप्ताह से लेकर 10 दिन में इसका खुलासा कर दिया जाएगा। इसमें हत्या और गैंगरेप के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है।
वहीं, उन्होंने कहा कि सामुदायिक सक्रियता की बेहद जरूरत है। बिना जन सहयोग के कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी। उनका कहना है कि पूरे शहर में सीसीटीवी का जाल बिछेगा। इसके लिए आवश्यक राशि मिल चुकी है। इसके अलावा ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन की जांच होगी। अगर नियम के खिलाफ यह पाए गए तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
यही नहीं उन्होंने कंपनियों से सीएसआर के तहत सहयोग की अपील की। खरीदारों के बारे में कहा कि अगर उनसे किसी तरह की ठगी की जाती है तो पुलिस एफआईआर करेगी। अगर कब्जे में देरी हो रही है तो मामले में पुलिस एफआईआर नहीं कर सकती, क्योंकि यह उनका मामला नहीं है। पुलिस लोगों के साथ जन संवाद करेगी।