दिल्ली से आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्स्प्रेसवे के पास जेवर-बुलंदशहर स्टेट हाईवे पर लूटपाट, हत्या और परिवार की चार महिलाओं के साथ दरिंदगी की कहानी दहलाने वाली है।
घटना देर रात करीब डेढ़ बजे की है। मारुति इको गाड़ी में सवार होकर एक बच्चे समेत आठ लोग जेवर से बुलंदशहर जा रहे थे, शुरुआती जांच में ये पता चला है कि रास्ते में गाड़ी के दो टायर पंक्चर हो गए, इसके बाद गाड़ी रूक गई। पंक्चर होने पर ड्राइवर ने गाड़ी के मालिक को फोन भी किया था।
फोन आने के बाद गाड़ी के मालिक ने पुलिस को फोन किया था, लेकिन इसी बीच बदमाशों ने धावा बोल दिया और लूटपाट करने लगे, ड्राइवर ने जब लूटपाट का विरोध किया तो उसको गोली मार दी।
पीड़ित परिवार ने बताया, 'हम 4 आदमी और 4 औरत जेवर से बुलंदशहर जा रहे थे। पांच लोगों ने लूटपाट की, हम लोगों को पीटा। हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। हमें जमीन पर उल्टा लिटा दिया। सिर उठाने पर वे पैरों से मारकर हमारा सिर नीचे कर देते थे। वे औरतों को खींचकर खेत में ले गए। उनके साथ बारी-बारी से रेप किया।
टाइम लाइन कब क्या हुआ?
yamuna expressway gangrape
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार रात 12:05 बजे : स्क्रैप कारोबारी को गर्भवती बहन की हालत हालत बिगड़ने की सूचना मिली।
1:15 बजे: स्क्रैप कारोबारी, बहनोई, बहन , भाभी, पत्नी व चालक और उसकी पत्नी बुलंदशहर के लिए ईको गाड़ी से घर से निकले। 1:25 बजे : जेवर-बुलंदशहर मार्ग पर साबौता गांव से आगे रामनेर के जंगल में जोरदार आवाज के साथ टायर पंचर हो गया।
1:27 बजे: कार को साइड लगाने के बाद चालक गाड़ी से उतरा और फोन करके टायर मंगाने को कहा।
1:30 बजे : टायर बदल रहे चालक व पीड़ित परिवार को बदमाशों ने हथियारों के बल पर बंधक बना लिया।
1:45 बजे : 100 नंबर पर कॉल कर सूचना दी गई।
2: 38 बजे: जेवर पुलिस ने पीड़ित के परिजन से संपर्क कर गब्बर मार्केट से परिजन को अपने साथ बिठाया।
3: 05 बजे : खेतों में खड़ी इको कार पुलिस को दिखाई दी।
3: 20 बजे : पुलिस ने मौके पर जाकर सभी को बंधन मुक्त कर गोली लगने से घायल कारोबारी को लेकर कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया।
यूपी 100 की लापरवाही की होगी जांच
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- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार गौतमबुद्धनगर के थाना जेवर में हाईवे पर हुई लूट, गैंगरेप एवं हत्या की सूचना यूपी 100 पर देने के बावजूद विलंब से हुई कार्रवाई की जांच कराएगी। इस घटना की जानकारी पीड़ितो ने यूपी-100 को फोन पर दी थी। पीड़ितों के आरोपों की जांच की जाएगी।
गृह विभाग के प्रवक्ता आईजी वीएस मीना ने बताया कि पीड़ितों की तरफ से शिकायत दर्ज कराने के बाद यूपी-100 का रिस्पांस टाइम देखा जा रहा है। ज्यादा देरी होने पर संबंधित पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) में तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यूपी 100 में दर्ज शिकायत का समय देखने के बाद लापवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आईजी मेरठ रेंज और एसएसपी गौतमबुद्धनगर पूरी घटना की गहराई से जांच करा रहे हैं। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई गई हैं। इसमें नोएडा की एसटीएफ टीम भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार की तरफ से अपने कुछ पड़ोसियों पर भी संदेह जताया गया है। जांच में इन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।