हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी की याचिका पर सुनवाई के लिए दो मई तय की है। उन्होंने भाजपा से अपने निष्कासन को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए पार्टी से 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जेठमलानी को भाजपा ने 28 मई को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया था। जेठमलानी ने कई मुद्दों पर पार्टी का विरोध करते हुए तत्कालीन अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ बगावत की थी।
भाजपा संसदीय बोर्ड ने जेठमलानी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जेठमलानी ने इस नोटिस को उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताते हुए चुनौती दी है।
जेठमलानी ने भाजपा के संसदीय बोर्ड के फैसले का विरोध करते हुए पार्टी पर हर्जाने का मुकदमा किया था। कोर्ट ने भाजपा संसदीय बोर्ड को नोटिस जारी किया था। पार्टी को 30 जनवरी तक नोटिस का जवाब देना था।