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जैश आतंकियों की गिरफ्तारी का मामलाः दोनों संदिग्धों के मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबर

Thu, 19 Nov 2020 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी अब्दुल लतीफ मीर और मोहम्मद अशरफ खटाना से पूछताछ में अहम खुलासे हुए हैं। दोनों के फोन में 40 से ज्यादा पाकिस्तानी नंबर सेव हैं। दोनों ने देश विरोधी नामों से कई व्हाट्स एप ग्रुप भी बना रखे थे। इन ग्रुप में बड़ी तादाद में पाकिस्तानी भी जुड़े हुए थे। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम को ही दोनों आरोपियों के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। पुलिस दोनों को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब्दुल लतीफ के मोबाइल में 150 से ज्यादा मोबाइल नंबर सेव हैं। इनमें से 35 से ज्यादा पाकिस्तानी नंबर हैं। इनमें कुछ नंबर जैश के आतंकियों के बताए जा रहे हैं। वहीं मोहम्मद अशरफ खटाना के मोबाइल भी कई पाकिस्तानी के नंबर सेव हैं। अब्दुल लतीफ ने जेहाद, इस्लामिक स्टेट, आजाद कश्मीर और फ्रीडम आदि नामों से कई व्हाट्स एप ग्रुुप बना रखे हैं।

आरोपी युवकों ने अपने मोबाइल से व्हाट्स एप चैट को डिलीट कर दिया था। दोनों मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इनके पाकिस्तानी संपर्कों को खंगाला जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक दोनों लगातार पाकिस्तानी नंबरों पर व्हाट्स एप कॉल करते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब्दुल लतीफ के मोबाइल से दिल्ली के उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी मिला है जिससे मिलने ये दिल्ली आए थे। पूर्वी दिल्ली का रहने वाला ये व्यक्ति ही इन्हें यूपी ले जाने वाला था। 
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टेंपो ट्रैवलर पर सवार होकर श्रीनगर से दिल्ली पहुंचे 
संदिग्ध आतंकियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह 1200 रुपये में कूपवाड़ा से श्रीनगर आए थे। श्रीनगर से दोनों टेंपो ट्रैवलर पर सवार होकर दिल्ली आए थे। इन्होंने टेंपो ट्रैवलर चालक को तीन हजार रुपये किराया दिया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों के पास से करीब 1200 रुपये बरामद हुए थे। पुलिस फिलहाल इसकी जांच कर रही है कि दोनों को पैसे कहां से मिलते थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं दिल्ली में रहने वाला संपर्क सूत्र इनको पैसे देने वाला था या यूपी पहुंचने के बाद दोनों को पैसे दिए जाने थे। 

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