निर्वाचन आयोग ने नगर निगम के तीन जेई पर शिकंजा कसा है। एक बसपा पार्षद की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने डीएम को कार्रवाई के निर्देश देकर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
वार्ड संख्या-2 के पार्षद कुलदीप का आरोप है कि पंकज गुप्ता, नानक चंद समेत निर्माण विभाग के तीन जेई केवल सत्ताधारी पार्टी के पार्षदों के वार्डों में काम करा रहे हैं।
उनके वार्ड में 40 लाख के कार्य पास हुए, लेकिन काम जानबूझकर शुरू नहीं किए गए। आरोप है कि इसकी शिकायत नगर आयुक्त, डीएम और तहसील दिवस में भी की गई, लेकिन अफसरों ने सुनवाई नहीं की।
पार्षद ने तीनों जेई के नाम से भारतीय निर्वाचन आयोग को शिकायत कर चुनाव प्रभावित करने की आशंका जाहिर की थी।
इनमें एक जेई 2003 से, एक 2005 से और तीसरा 2007 से निगम में तैनात है। जबकि स्थानांतरण नीति के मुताबिक एक स्थान पर पांच साल से ज्यादा तैनाती नहीं मिल सकती।
निर्वाचन आयोग कार्यालय से उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा गया और यहां से जिलाधिकारी गाजियाबाद को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। उधर, नगर आयुक्त आरके सिंह का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन किया जाएगा। जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी