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'भाजपा ने चौटाला को सरेंडर करने को किया मजबूर'

Mon, 13 Oct 2014 12:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, जनता दल युनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामूहिक रूप से केंद्र सरकार पर इंडियन नेशनल लोकदल सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने को मजबूर करने लिए सीबीआई पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
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देवगौड़ा ने कहा कि ताऊ देवीलाल के सौवें जन्मदिन पर जींद में देशभर के समाजवादी नेताओं के इकट्ठे होने से भाजपा की केंद्र सरकार घरा गई है। उसे विश्वास हो चुका है कि हरियाणा में अगली सरकार इनेलो की बनेगी। तीनों समाजवादी नेताओं ने एक सुर में कहा कि इनेलो की सरकार बनती है तो देवीलाल के जनता दल के जमाने की तरह एक बार फिर हरियाणा देश की राजनीति में अहम भूमिका अदा करेगा।

रविवार की शाम एचडी देवगौड़ा, शरद यादव, नीतीश कुमार और जदयू सांसद केसी त्यागी यहां इनेलो प्रत्याशी गोपीचंद गहलौत के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने आए थे। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में सत्य और असत्य तथा धर्म और अधर्म की 18 दिनों तक लड़ाई चली थी।
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एक बार फिर हरियाण उसी भूमिका में है। उन्होंने कहा कि जींद रैली के बाद मीडिया में आने लगा था कि हरियाणा में अगली सरकार इनेलो की बनेगी है। इससे भाजपा बुरी तरह घबराई हुई है। जनसभा को संबोधित करते हुए जदयू मुखिया शरद यादव ने कहा कि हरियाणा में पार्टी की खस्त हालत देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के तमाम छोटे-बड़े नेताओं को इस प्रदेश में चुनाव प्रचार में आना पड़ रहा है।

यह जनसभा सदर बाजार में आयोजित की गई थी। व्यापारियों के मन को झकझोरते हुए श्री यादव ने कहा कि कांग्रेस जब खुदरा बाजार में एफडीआई लाना चाहती थी तो इसका सबसे पहले विरोध जदयू ने किया था। जबकि बीजेपी चुप थी। अब भाजपा खुदराबाजार में विदेशी पूंजी निवेश लाने की फिराक में है।

उन्होंने इससे होने वाले प्रभावों से वहां मौजूद लोगों को अगाह करते हुए कहा कि छोटे व्यापारियों से रोजगार छिन जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के ई-गर्वनेंस और ई-व्यापार को बढ़ावा देने की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ने वालों को तो रोजगार मिल जाएंगे, पर देश के 90 फीसदी भाषाई स्कूलों में पढ़ने वाले युवकों को नौकरी नहीं मिलेगी।

जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में कोई समनाता नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी लोकसभा चुनाव के वक्त बिहार का कर्ज उतारने और इसपर विशेष ध्यान देने की वादा किया था। प्रधानमंत्री बनते ही सब कुछ भूल गए। उन्होंने नरेंद्र मोदी को ललकारते हुए कहा कि इनके शासन भारत-पास सीमा पर सबसे अधिक सीजफयार का उल्लंघन हुआ है। इस मौके पर जदयू सांसद केसी त्यागी ने भी अपने विचार रखे।
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