आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक जया किशोरी
- फोटो : अमर उजाला
कंप्टीशन यह है कि मुझे खुद में आज से ही कल के लिए बेहतर बनना है। इसलिए कभी दूसरों से खुद की तुलना नहीं करनी चाहिए। हमें खुद कैसे सफल होना है, इसके बारे में सोचना चाहिए और मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए। क्योंकि मेहनत करने से ही जीवन में सारी चीजें मिलती हैं, बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता।
जीवन में सफल होने के यह मंत्र बुधवार को आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक जया किशोरी ने गलगोटिया विश्वविद्यालय में युवाओं को दिए। अमर उजाला और गलगोटिया यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को विश्वविद्यालय कैंपस में जीवांजलि विचारों से बदलाव तक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसमें आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और वहां मौजूद लोगों को सफल बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि सामने वाला क्या कर रहा है, बल्कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में लकी टी-शर्ट, पसंदीदा पेन या इस तरह की कोई चीज नहीं होती है।
परीक्षा में वहीं छात्र इन चीजों के बारे में सोचता है, जो ठीक से पढ़ाई किए बिना परीक्षा देने गया होता है। उन्होंने कहा कि आसानी से कुछ नहीं मिलता है, इसलिए मेहनत करो। मेहनत सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अपने परिवार को भी अच्छी जिंदगी देने के लिए करो।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी हर प्रश्न को पूछती है। हमें प्रश्न जरूर पूछने चाहिए, लेकिन प्रश्न पूछने के दौरान मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिए। कभी दूसरों को गलत साबित करने के लिए प्रश्न नहीं पूछना चाहिए।