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जेएनयू शिक्षक अब नहीं कर सकेंगे बयानबाजी

Sat, 06 Oct 2018 05:39 AM IST
भाषा, नयी दिल्ली
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन शिक्षकों को केंद्रीय सेवाएं (आचरण) नियमावली के तहत लाने की योजना बना रहा है। शिक्षकों को इस नियमावली के तहत लाए जाने के बाद वे प्रशासन के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं दे सकेंगे। अकादमिक परिषद के एक सदस्य ने यह जानकारी दी। 

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विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को अपने अकादमिक परिषद की बैठक की जिसमें यह मुद्दा एजेंडे का हिस्सा था। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जेएनयूटीए) ने आरोप लगाया है कि बैठक से तीन-चार दिन पहले इस बारे में जानकारी मिली थी।

जेएनयू प्रशासन ने संस्कृत में एमए, ‘‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रोफिशियेंसी इन कंप्यूटेशनल लिंग्यूस्टिक’’ और ‘‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रोफिशियेंसी इन पाली’’ की परीक्षा ऑनलाइन कराने का प्रस्ताव भी पारित किया। 
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अकादमिक परिषद ने कहा कि सभी एमफिल एवं पीएचडी रिक्तियां भरने के प्रयास किए जाएंगे। जेएनयूटीए ने आरोप लगाया कि उन्हें ‘अकादमिक महत्व के अहम मुद्दों’ पर अपनी राय रखने की अनुमति नहीं दी गई। 

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