बजरंग दल कार्यकर्ता अजय चौधरी की गुरुवार रात गोली मारकर हत्या के बाद शुक्रवार सुबह से शाम तक परिजनों व समर्थकों का सड़क पर गुस्सा दिखा। मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर नाराज लोगों ने कोतवाली सेक्टर-20 पर पांच घंटे तक कब्जा जमाए रखा।
वहीं, शाम को सेक्टर-8 में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस पहुंची तो लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजी और छह आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान एक घंटे तक अफरातफरी मची रही। हंगामे के दौरान एक दर्जन प्रदर्शनकारी व पुलिसकर्मी घायल हो गए।
दरअसल, थाने में प्रदर्शन के बाद शाम को एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और हिंदू संगठन के पदाधिकारियों के बीच समझौता हो गया था। हिंदू संगठन के नेताओं ने समझौते को माइक से प्रदर्शनकारियों को सुनाया। इसके बाद लोग थाने से चले गए। पुलिस ने परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। परिजनों ने शाम के समय अंतिम संस्कार न करने की बात कही और सेक्टर-8 में शव रखकर जाम लगाने लगे।
देखते ही देखते पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने छह आंसू गैस के गोले दागकर लोगों को तितर-बितर किया। इसके बाद पुलिस परिजनों के साथ शव को ले गई और अंतिम संस्कार करा दिया। एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। तनाव को देखते हुए सेक्टर-8 में पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया है।
घटना से जुड़े कई ऑडियो वायरल
इस घटना से जुड़े कई ऑडियो व्हाट्सऐप ग्रुप पर वायरल हो रहे हैं। इन ऑडियो को सुनकर लग रहा है कि पहले अजय व जीतू के पक्ष के लोगों के बीच मारपीट हुई है। काफी देर तक दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ। इसके बाद ही यह घटना हुई।