देश की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली तिहाड़ जेल से फरार हुए कैदी जावेद को बुधवार को गोंडा की लोकल कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस और तिहाड़ की संयुक्त टीम को सौंप दिया गया।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार तड़के पुलिस की टीम जावेद को लेकर दिल्ली पहुंच जाएगी। इसके बाद इसे दिल्ली की कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तिहाड़ प्रशासन से खबर मिलने के बाद ही पुलिस ने फरार जावेद की तलाश शुरू कर दी थी। जावेद जेल से फरार होने के बाद सीधे देवली अपने चाचा सईद के घर पहुंचा।
नंबरों का पीछा कर पुलिस पहुंची थी जावेद तक
वहां उसने रास्ते से फोन कर चाचा व भाई को बताया कि वह जेल से भाग आया है। जावेद ने चाचा और भाई से कपड़े और मोबाइल लाने के लिए कहा। फौरन चाचा और भाई कपड़े और दो मोबाइल लेकर जावेद के पास पहुंच गए। पुलिस ने इन्हीं नंबरों की पहचान कर उसकी लोकेशन से जावेद का पीछा करना शुरू किया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो में से एक फोन चलता रहा। पुलिस नंबरों के आधार पर पीछा कर जावेद तक गोंडा पहुंच गई। मंगलवार रात को उसे पुरे सिधारी, गोपाथपुर, गांव बस्ती, गोंडा से दबोच लिया।
गौरतलब है कि शनिवार को जावेद एक अन्य कैदी फैजान के साथ जेल से फरार हो गया था। फैजान को तो पकड़ लिया गया था, लेकिन जावेद फरार होने में कामयाब रहा था।
इस तरह चल रही है कैदी भागने की जांच
तिहाड़ से दीवार फांदने और सेंधमारी करके कैदी के भागने की घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पश्चिम जिले के जिला मजिस्ट्रेट की अगुवाई में वारदात की री-क्रिएशन के साथ जांच शुरू हुई।
जांच अधिकारी ने उन सभी जगहों का मुआयना किया, जहां से कैदी ने जेल की दीवारों को फांदा और सेंधमारी करके जेल से बाहर निकला। जेल संख्या सात और 8/9 के कर्मियों के अलावा आईटीबीपी और तमिलनाडु स्पेशल स्टाफ से भी पूछताछ की।
तिहाड़ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम जिले के मजिस्ट्रेट बीएस जगलान अपने दो अधिकारियों के साथ जेल ब्रेक की घटना की जांच करने बुधवार को तिहाड़ जेल पहुंचे। जगलान ने जेल अधिकारियों के साथ उन सभी जगहों का मुआयना किया जहां से होते-होते कैदी फरार हुआ था।
जावेद के साथ फरार और फिर गिरफ्त में आए फैजान से पूछताछ कर उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली। जगलान सबसे पहले उस वार्ड में गए जहां जावेद और फैजान बंद थे। जेल से दोनों कैदी किस समय भागे थे इस पर अभी भी तिहाड़ प्रशासन कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
हर पहलू की बारीकी से हो रही है जांच
उस जगह का भी निरीक्षण किया गया जहां से जेल संख्या सात की दीवार से दोनों कैदियों ने छलांग लगाई थी। जेल संख्या आठ की उस दीवार का भी बारीकी से निरीक्षण किया जहां पर सेंधमारी की गई थी।
इसके बाद सेमी ओपन जेल के उस हिस्से में भी गए जहां से कैदी ने जेल परिसर से बाहर नाले में छलांग लगाई थी। सभी जगहों का निरीक्षण करने के बाद जेल संख्या सात और 8/9 में उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों से भी पूछताछ की गई और यह जानने का प्रयास किया कि कहीं वारदात को अंजाम दिलाने में कोई जेलकर्मी तो शामिल नहीं है।
जांच अधिकारी जगलान जेल में पहले काम कर चुके हैं इसलिए उन्हें तिहाड़ जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के अलावा जेलकर्मियों की कार्यप्रणाली की भी पूरी जानकारी है।
सूत्रों की माने तो जांच अधिकारी ने आईटीबीपी और तमिलनाडु स्पेशल स्टाफ के जवानों से भी पूछताछ की। जांच अधिकारी को अभी इस मामले में और पूछताछ करनी है। संभव है कि जांच में जेल के कुछ अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाए। बृहस्पतिवार को दोबारा से जांच के लिए जांच अधिकारी तिहाड़ पहुंच सकते हैं।