केंद्रीय सेवाओं में खारिज हुए आरक्षण को बहाल करने की मांग को लेकर जाटों ने केंद्र सरकार से आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। इस मांग को लेकर जाट समुदाय 28 सितंबर को दिल्ली जाम करेगा।
शनिवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने सीही गांव में महापंचायत के दौरान जाटों को एकजुट किया।
उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म होने के बाद इस समुदाय के हजारों युवाओं का भविष्य चौपट हो गया है। 26 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जाट नेताओं को इस मामले में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया।
ऐसे में केंद्र सरकार की नीयत पर संदेह हो रहा है। उन्होंने बताया कि जाट समाज के करीब 7500 युवाओं ने 17 मार्च 2015 से पूर्व विभिन्न विभागों की प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं, उनकी नौकरी में अब केंद्र सरकार रोड़ा अटका रही है।
यही स्थिति उच्च शिक्षा में एडमिशन की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले में केंद्र सरकार को सितंबर तक का समय दिया जा रहा है। इसके बाद सरकार के खिलाफ जाट आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे।
पंचायत से पूर्व सैकड़ों युवाओं ने वाईएमसीए चौक पर जाट नेता का स्वागत किया और काफिला नारेबाजी करता हुआ गांव में पहुंचा। इस मौके पर रामकिशन मलिक, देवेंद्र तेवतिया, राजेंद्र मलिक, कुमार सिंह मलिक, चिरंजीवी चौधरी, कुलदीप मलिक, मोंटी मलिक, रोहित, योगेश डागर आदि मौजूद रहे।