प्रदेश के दूसरे जिलों में शुरू हुई जाट आंदोलन की आग अब गुरुग्राम पहुंच गई है। शुक्रवार से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट समुदाय के लोगों ने दौलताबाद के द्वारका एक्सप्रेस के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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धरने पर बैठे लोगों ने ताश ओर हुक्के के सहारे सारा दिन व्यतीत किया। समिति ने धरने पर बैठे लोगों के लिए हाइवे के पास टेंट लगवाया है और धरने पर बैठे लोगों के लिए ताश, हुक्का, चाय आदि की व्यवस्था की गई। बता दें कि सात सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे जाट संगठनों ने सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी से बातचीत के लिए हामी भर दी है।
जाट संगठनों की मांगों पर कितनी सहमति बनती है। इससे ही आंदोलन व धरने देने की स्थिति का पता चल सकेगा। धरने की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। खुद उपायुक्त हरदीप सिंह मामले पर नजर बनाए हुए है। बता दें कि अभी तक जाट आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई है।
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हवन के साथ अनिश्चितकालीन जाट न्याय धरने की शुरूआत की गई
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- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को सुबह हवन के साथ अनिश्चितकालीन जाट न्याय धरने की शुरूआत की गई। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के हरियाणा प्रभारी रणजीत सिंह सहरावत की अगुवाई में अपनी मांगों को यह प्रदर्शन शुरू किया गया है।
धरने को लेकर पुलिस का खुफिया तंत्र भी सतर्क दिखाई दिया। धरने के चारों ओर पुलिस की पीसीआर धरने पर बैठे लोगों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थी।
पुलिस ने उस स्थान पर अपनी गश्त बढ़ा दी है। धरने की जानकारी मिलने के बाद बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीएम को भेजा गया था। रणजीत सिंह सहरावत का कहना है कि धरना बिलकुल शांति पूर्ण रहेगा। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती तब तक हम धरने पर बैठे रहेंगे।
इस मौके पर कार्यकारी जिला अध्यक्ष विक्रम धनखड़, विरेंद्र सरपंच, नरेंद्र राणा, दिनेश ठाकरान, कृष्ण त्यागी, मेजर मनोज जांघु, नरेंद्र, रामसिंह झाझडिय़ा, बाबा फतेहसिंह, कृष्ण नंबरदार, सुमित राठी, राजेश, राजेश राणा आदि लोग धरने पर बैठे थे।
हरदीप सिंह, जिला उपायुक्त: धरने पर प्रदर्शन की नजर है। इसके लिए अधिकारियों को धरनास्थल पर भेजा गया था। धरना कब तक करेंगे? इस बारे में अभी तक कोई लिखित सूचना संघर्ष समिति की ओर से नहीं दी गई है। प्रशासन इस पर नजर बनाए हुए है।
रणजीत सिंह, हरियाणा प्रभारी, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति: डीसीपी सुमित और एसडीएम के साथ दो दिन पहले बैठक हुई थी। इसमें मौखिक आदेश मिल गया था। इसके बाद तहसीलदार की ओर से धरने के लिए प्वाइंट बताया गया था। अनुमति के लिए पत्र भेजा गया है।