सेक्टर-39 में एक शख्स की पत्नी की मौत पांच साल पहले हो चुकी है, लेकिन वोटर लिस्ट में उसका नाम चल रहा है। यही नहीं मतदाताओं को घर-घर पहुंचाई जाने वाली स्लिप भी उसके नाम से घर पहुंच रही है।
खास बात ये है कि इसी सेक्टर में कई ऐसे लोग भी हैं, जोकि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं जुड़वा पाए हैं। उनका कहना है कि जिंदा लोगों के नाम तो जुड़ नहीं रहे हैं और मृतकों के नाम कई साल से चल रहे हैं। वह अपनी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
सेक्टर के लोगों का कहना है कि यहां करीब 15 ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में हैं, जोकि काफी साल पहले मर चुके हैं। यही नहीं कई बार इसकी सूचना देने के बाद भी उन नामों को वोटर लिस्ट से नहीं हटाया गया।
घर छोड़ चुके किरायेदारों के नाम भी लिस्ट में
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- फोटो : लाल सिंह
वहीं, करीब 50 ऐसे लोग भी हैं, जिनका नाम पहले वोटर लिस्ट में था, लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से वोटर लिस्ट से गायब है। अब वह अपना नाम जोड़ने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
सेक्टर के कई ऐसे लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में हैं, जो पिछली बार के चुनाव में इसी सेक्टर में किराये पर रहते थे और अपना नाम जुड़वा लिया था, लेकिन अब उन्होंने किराये का मकान छोड़ दिया और दूसरी जगह चले गए। अब भी उनका नाम वोटर लिस्ट में है।
वोटर लिस्ट में कई महिलाओं के नाम के नीचे पुरुष लिखा हुआ है। वहीं कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पति के नाम के पहले श्रीमती लिखा हुआ है।
50 से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनके नाम गायब कर दिए गए हैं
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- फोटो : लाल सिंह
सेक्टर में करीब 15 लोग ऐसे हैं जो मर चुके हैं, लेकिन फिर भी वोटर लिस्ट से नाम नहीं हटाए गए हैं, जबकि 50 से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनके नाम गायब कर दिए गए हैं। खुद मेरी वोटर स्लिप नहीं आई है।
-वत्सला पारशर, सेक्टर-39 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
मेरी पत्नी का 2013 में देहांत हो गया था। सर्वे के दौरान जिला प्रशासन की टीम को हम लोगों ने लिखित जानकारी भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पत्नी की दो-दो वोटर स्लिप आई हैं।
-महेश चंद्र गौड़