किसान आंदोलन को लगातार भारी जनसमर्थन मिल रहा है। पिछले तीन दिन से टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर पहले की अपेक्षा लोगों का आना बढ़ गया है। यहां पर पहले से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के लोग आकर किसानों का समर्थन कर रहे थे। अब देश के विभिन्न राज्यों से भी लोग यहां पहुंचने लगे हैं।
टीकरी बॉर्डर पर शनिवार से भारी भीड़ जुट रही है और लगभग ऐसा ही हाल सिंघु बॉर्डर का भी है। मौजूदा समय यहां के हालात ऐसे हैं कि दिन में सड़क पर खड़े ट्रैक्टरों के बाद बचे रास्ते पर से पैदल चलना मुश्किल है। इसके अलावा यहां पर ट्रैक्टरों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। दिनभर दोनों आंदोलन स्थलों की सड़कों पर ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी है।
सोमवार को अच्छी धूप निकली इसलिए भी यहां अधिक संख्या में लोग पहुंचे थे। एक तरफ सरकार के साथ लगातार बातचीत असफल होने के कारण किसानों का सरकार को लेकर अविश्वास बढ़ गया है। इसका असर मंच पर साफ नजर आ रहा है। किसानों के समर्थन में आने वाले लोग सुबह से शाम तक एक एक कर अपनी बात रखते हैं। इस दौरान सरकार को नसीहत दी जाती है। सरकार को अपने फैसले को वापस लेने के लिए आह्वान किया जाता है।
सरकार को कृषि कानून वापस नहीं लेने पर भुगतने की चुनौती भी दी जाती है। लोग अपने वक्तव्यों के माध्यम से किसानों के हक की बात करते हैं। इन सब के बावजूद 15 जनवरी को किसान सरकार के साथ फिर से बातचीत करने को राजी हैं। टीकरी और सिंघु दोनों सीमाओं पर लंगर बनाने और किसानों के साथ-साथ यहां आने वाले सभी लोगों को प्रेम पूर्वक खिलाने का सिलसिला जारी है।