जेएनयू दलित छात्र की मौत मामला: चार प्रोफेसरों पर छात्र से भेदभाव का आरोप
Sat, 18 Mar 2017 11:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सार
चार प्रोफेसर पर छात्र से भेदभाव का आरोप, कुलपति से उच्चस्तरीय कमेटी गठित करवाकर जांच की भी उठी मांग
जेएनयू के दलित छात्र की मौत मामले में सीबीआई करें जांच: एबीवीपी
- चार प्रोफेसरों पर छात्र से भेदभाव का आरोप, कुलपति से उच्चस्तरीय कमेटी गठित करवाकर जांच की भी उठी मांग
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के आत्महत्या करने वाले एमफिल के दलित छात्र जीवनाथम मुथूकृष्णन उर्फ रजनी कृष (29) की मौत मामले में अब कैंपस का माहौल गरमा गया है। क्योंकि चार प्रोफेसर पर उक्त दलित छात्र से भेदभाव की बात सामने आ रही है।
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वहीं, एबीवीपी ने सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्ट्डीज के बाहर विरोध जताते हुए कहा कि आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई करें। इसके अलावा कुलपति से कैंपस में दलित व पिछड़े छात्रों से भेदभाव मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से करवाने की भी मांग की है।
जेएनयू कैंपस का माहौल शुक्रवार को फिर गरमा गया। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा ने स्कूल ऑफ सोशल साइंस के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल सेंटर के बाहर विरोध दर्ज करवाया।
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सौरभ ने कहा कि जेएनयू ने एक काबिल रिसर्च स्कॉलर खोया है। सबसे बड़ी कमी उसके परिवार के लिए है। हालांकि अब जेएनयू शिक्षक यूनियन व छात्रसंघ मिलकर शोकसभा के नाम पर राजनीति कर रहा है।
सौरभ का आरोप है कि मृतक के स्कूल के चार प्रोफेसर प्रो. निलादि भट्टाचार्य, प्रो. रजत दत्ता, प्रो. बर्टन क्लीटस व प्रो. कुमकुम राय का भेदभाव मामले में नाम आ रहा है। इसलिए हम कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार से मांग करते हैं कि वे उच्च स्तरीय कमेटी गठित करें, ताकि यदि दलित व पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों से भेदभाव की शिकायतों की जांच करवाएं। इसके अलावा सौरभ ने आत्महत्या से जुड़े सभी कारणों की जांच सीबीआई से करवाने की भी मांग रखी है।