पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ साजिश के दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने नागरिकों से आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को उन दावों को खारिज किया कि जंतर-मंतर के पास एक ट्रक जानबूझकर प्रदर्शनकारियों के लिए तैनात किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ट्रक नंबर एचआर 63 ई 6865 को लेकर ये आरोप लगाए गए थे।
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नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि यह ट्रक 16 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना के बाद जब्त किया गया था। इस दुर्घटना में छह लोग घायल हुए थे। शुरुआत में इसे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के पास खड़ा किया गया था। चलो संसद आंदोलन के मद्देनजर 20 जुलाई को इसे बुराड़ी ले जाकर खाली कराया गया। ट्रक में पत्थर भरे थे।
पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ साजिश के दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने नागरिकों से आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की।