पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच घटनाओं की रिकॉर्डिंग के साथ आरोपों की जांच में भी मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर ज्यादती के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में अग्रिम पंक्ति में तैनात अधिकारियों और कर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी बॉडीकैम के साथ ड्यूटी करती नजर आईं।
वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कैमरे विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, प्रदर्शन स्थलों और भारत निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर जाने वाली सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं। इनसे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत तथा घटनाक्रम रिकॉर्ड किया जा सकेगा। अधिकारियों पर किसी तरह के आरोप लगने की स्थिति में रिकॉर्डिंग साक्ष्य के तौर पर भी उपयोगी हो सकती है।
मतदाता सूची के गहन विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में प्रदर्शनों को देखते हुए जंतर-मंतर समेत नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। कई स्थानों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।
दो अक्तूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर अनुचित व्यवहार, हाथापाई और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शिकायतें अपराध शाखा को जांच के लिए भेजी गई हैं। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।