कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 मार्च को आहूत ‘जनता कर्फ्यू’ से एक दिन पहले ही दिल्ली में इसका ट्रेलर दिख गया। दिन-रात सरपट दौड़ती दिल्ली की रफ्तार शनिवार को थमी-सी नजर आई। प्रमुख बाजारों से लेकर प्रमुख मार्गों पर पसरा सन्नाटा प्रधानमंत्री की अपील को एक दिन पहले ही सार्थक बना रहा था।
‘जनता कर्फ्यू’ के कारण दिल्ली के बाजारों में बहुत कम लोग दिखे। इस दौरान केवल वे लोग दिखे, जो आवश्यक सेवाओं में कार्यरत हैं। दिल्ली की सड़कें दिनभर खाली रहीं। इसके साथ ही वाहनों की संख्या में भी कमी देखने को मिली। शाम को व्यस्त रहने वाले चौराहे आईटीओ चौक से लेकर लक्ष्मीनगर, कश्मीरी गेट, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, करोल बाग, आरकेपुरम, लोदी रोड, मायापुरी व आश्रम में सड़कें खाली रहीं।
सार्वजनिक वाहनों में भी बेहद कम लोग दिखे। शनिवार को मेट्रो से लेकर बसें तक खाली चले। अमूमन सभी बसों में काफी सीटें खाली थीं। वैसे एहतियातन लोग बसों व मेट्रो में एक दूसरे से दूरी बनाकर ही सफर कर रहे हैं। सड़कों पर ऑटो भी कम संख्या में दिखे।
सदर बाजार व कनॉट प्लेस को
अधिकतर बाजार बंद
कोरोना के खतरे को देखते हुए शनिवार को दिल्ली के प्रमुख बाजारों में बंद का खासा असर दिखा। कनॉट प्लेस व सदर बाजार खुले रहे, लेकिन यहां से ग्राहक पूरी तरह नदारद रहे। वहीं, सरोजनी नगर, गांधी नगर के शांति मोहल्ले, जनपथ मार्केट, आजाद मार्केट, ओल्ड लाजपत नगर मार्केट, टैंक रोड, कूचा महाजनी, चांदनी चौक में बंद का असर देखने को मिला। रविवार को कनॉट प्लेस व सदर बाजार भी पूरी तरह बंद रहेंगे।