जम्मू- कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह ने मंगलवार को दिल्ली की एक कोर्ट में जमानत याजिका दायर की है। सिंह को आतंकवादियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। देविंदर सिंह के साथ अन्य दो आरोपियों ने भी जमानत के लिएअर्जी लगाई है। फिलहाल तीनों दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं।
हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों को एक वाहन से ले जाते समय दविंदर को गिरफ्तार किया गया था । सिंह और दो अन्य आरोपी इरफान शफी मीर और सैयद नवीद मुश्ताक ने याचिका में किया है कि उन्हें आगे हिरासत में रखकर पूछताछ की जरूरत नहीं है ।
अदालत बुधवार को मामले में सुनवाई करेगी । तिहाड़ जेल में बंद आरोपियों की ओर से पेश वकील एम एस खान ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किलों को आगे हिरासत में रखने से कोई भी मकसद पूरा नहीं हो पाएगा। याचिका में कहा गया है कि आरोपियों को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया । ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं जिससे साबित हो कि उन्होंने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने के मकसद से कोई साजिश की। इस बात के भी कोई सबूत नहीं है कि आरोपियों ने आतंकी हमले की कोई साजिश रची थी।
याचिका में कहा गया कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, वो किसी साक्ष्य पर आधारित नहीं है । सिंह को इस साल जनवरी में जम्मू कश्मीर पुलिस से निलंबित कर दिया गया था। स्पेशल सेल उन्हें जम्मू कश्मीर में हीरा नगर जेल से दिल्ली लाया था।
पुलिस के मुताबिक विभिन्न इंटरनेट मंच के जरिए अन्य आरोपियों और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों से उसकी बातचीत होती थी। इससे पहले पुलिस ने अदालत को बताया था कि मुश्ताक और अन्य आरोपियों ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आतंकी गतिविधियां और सुरक्षा प्राप्त किसी व्यक्ति की हत्या के लिए साजिश रची थी ।
पुलिस ने कहा कि हिज्बुल मुजाहिद्दीन के शोपियां जिले का कमांडर मुश्ताक इंटरनेट के विभिन्न मंच के जरिए अन्य आरोपियों और आतंकियों से संपर्क में था। दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी ।