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जामिया मामले में चार्जशीटः शरजील इमाम के भाषण से फैली थी हिंसा

Tue, 18 Feb 2020 12:48 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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जामिया हिंसा (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने नागरकिता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के दौरान भीड़ को उकसाने के आरोपी छात्र शरजील इमाम को 3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शरजील को इसी से संबंधित एक दूसरे मामले में पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने 15 दिसंबर को न्यू फ्रेंड्स कालोनी में सीएए के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान फैली हिंसा के मामले में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में शरजील पर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

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मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर की अदालत में दायर आरोप पत्र में पुलिस ने 100 से ज्यादा गवाहों के बयानों के साथ सीसीटीव फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स को बतौर सबूत शामिल किया है। इसी मामले में गिरफ्तार फुरकान ने आरोप लगाया था कि शरजील के भाषणों से उसे हिंसा करने की प्रेरणा मिली। दिल्ली पुलिस इसी बारे में शरजील से पूछताछ करना चाहती थी। अदालत ने सोमवार को उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था, लेकिन मंगलवार को उसे 3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। पुलिस ने अदालत को पहले बताया था कि फुरकान को एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया जिसमें वह संभवत: पेट्रोल से भरा कंटेनर ले जाता हुआ नजर आ रहा है। इस मामले में 16 दिसंबर को चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। फुरकान को बाद में हिरासत में लिया गया था।

आरोप पत्र में पीएफआई की भी चर्चा
15 फरवरी को भड़की हिंसा मामले में अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से नौ न्यू फ्रेंड्स कालोनी और आठ शाहीन बाग के हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान बंदूक की खाली गोलियां भी मिली हैं जो 3.2 एमएम पिस्टल की हैं। पुलिस ने आरोप पत्र में पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ) के कार्यकर्ताओं की भी चर्चा की है और कहा है कि उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा है कि हिंसा के आरोपियों की पहचान के लिए वह और तस्वीरें जारी करेगी।
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इन धाराओं के तहत दायर किया आरोप पत्र

आरोप पत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 147 (हिंसा करने), 148 (हिंसा करने, घातक हथियार साथ रखने), 149 (अवैध रूप से जमा होने), 186 (सरकारी कर्मचारी के काम में रुकावट डालने), 353 (सरकारी कर्मचारी पर हमला करने),  332 (सरकारी कर्मचारी को जानबूझकर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और धारा 427 के तहत दायर किया गया है।

भाषण देकर चर्चा में आया था शरजील
शरजील इमाम सीएए और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध के लिए शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आया था। उसे जामिया मिलिया में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में 28 जनवरी को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने 26 जनवरी को उसके खिलाफ देशद्रोह और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था।

क्या हुआ था 15 दिसंबर को
सीएए के खिलाफ जामिया के नजदीक न्यू फ्रेंड्स कालोनी में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने चार बसों और पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी थी। पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ना पड़ा था। इसमें करीब 60 लोग घायल हो गए थे। पुलिस जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी परिसर में भी गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि हिंसा करने वाले लोग वहां छिपे हुए थे। हालांकि, जामिया के छात्रों ने हिंसा में शामिल होने से इंकार करते हुए पुसिल पर बर्बरता का आरोप लगाया था।
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