जामिया मिल्लिया के तीन वर्षीय बीएससी एरोनॉटिक्स एंड एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स (सीएआर-147 बेसिक) को चलाने के लिए भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय से मंजूरी मिल गई है। सरकारी उपक्रम पवन हंस को जामिया के इस कोर्स को चलाने की अनुमति दी गई है।
इस मंजूरी के साथ ही जामिया में कोर्स के लिए एक प्रशिक्षण संगठन स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वैमानिकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रौद्योगिकी की जानकारी देना और उसके मुताबिक प्रशिक्षण देना है।
यह कोर्स जामिया ने पवन हंस के सहयोग से शुरू किया था। अब इसे मंजूरी मिलने के बाद विद्यार्थी सीएआर 66 की आवश्यकताओं के अनुरूप मॉड्यूल का प्रशिक्षण ले सकेंगे। इसके बाद उन्हें डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) का लाइसेंस मिल सकेगा।
साथ ही पीएचएल-सीएआर 147 की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ रिकॉगनिशन और जामिया की तरफ से बीएससी की डिग्री मिलेगी। जामिया का मानना है कि वैमानिकी उद्योग में तेजी से हो रहे विकास के कारण यह कोर्स विद्यार्थियों को दूरगामी लाभ प्रदान करेगा।