फर्नीचर कारोबारी यूसुफ को गोली मारकर 9 लाख लूटने वाले तीन पड़ोसियों समेत 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे 8.5 लाख रुपये, बाइक व दो तमंचे बरामद किए हैं।
पकड़े गए बदमाश राशिद ने जामिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है, 15 दिन पूर्व उसकी शादी हुई है। वारदात में इस्तेमाल रेसिंग बाइक उसी की है, जिसके आधार पर पुलिस ने लुटेरों को ट्रेस किया।
उसे हनीमून पर जाने को रकम की जरूरत थी, इसलिए वह लूट में शामिल हुआ था। जबकि लूट का प्लानर पड़ोसी शहजाद कर्ज उतारने को लुटेरा बना।
एसपी देहात राकेश पांडेय ने बताया कि लुटेरे साजिद उर्फ हकीम, शहजाद और दिलशाद मेरठ के धौलड़ी, नौशाद हापुड़ और राशिद भोजपुर निवासी है।
कारोबारी यूसुफ ने जिसे अपना मेरठ स्थित पुश्तैनी घर बेचा था, वह खरीदार शहजाद का रिश्तेदार है। शहजाद को जानकारी थी कि शुक्रवार को मेरठ कोर्ट में रजिस्ट्री करने के लिए यूसुफ जा रहा है, जहां उसे नौ लाख रुपये मिलेंगे।
शहजाद ने प्लानिंग में शहजाद और दिलशाद को शामिल किया। दिलशाद लूट के मामले में पूर्व में मेरठ से जेल जा चुका है। जेल में उसकी मुलाकात हापुड़ निवासी नौशाद से हुई थी।
दिलशाद ने दोस्त नौशाद को मेरठ बुला लिया। शहजाद ने दिल्ली निवासी राशिद को 35 हजार का लालच देकर उसकी रेसिंग बाइक का इस्तेमाल किया। शुक्रवार को मेरठ रजिस्ट्री कार्यालय के पास भीड़ देख लूट नहीं की।
मेरठ से दिलशाद नौशाद व साजिद बाइक से कारोबारी का पीछा करने लगे और मुरादनगर में लूट की। रकम लूटकर तीनों पाइप लाइन के रास्ते मेरठ की ओर भाग गए थे।
गांव पहुंच बदमाशों ने साढे़ आठ लाख रुपये झाड़ियों में छिपा दिए। अगर पुलिस पकडे़ तो उससे पैरवी कर सकें।
ऐसे आए पकड़ में
पीड़ित ने लूट में प्रयुक्त बाइक का नंबर बताया था। पता चला कि बाइक दिल्ली के पते पर खरीदी गई थी। पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई। इत्तेफाक से मेरठ से बाइक पर राशिद दिल्ली लौट रहा था। बाइक और उसका नंबर देख पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।