जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शोधकर्ताओं ने सलाइवा आधारित कोरोना जांच किट विकसित की है। इसके जांच नतीजे एक घंटे में मिल जाते हैं। यह जानकारी सोमवार को जामिया की ओर से दी गई। यह किट जामिया के मल्टीडिसीप्लीनरी सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च एंड स्टडीज (एमसीएआरएस) के वैज्ञानिकों तथा अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने मिलकर विकसित की है।
जामिया के अनुसार कोई भी शख्स से किट में सलाइवा का सैंपल रखकर कोरोना जांच कर सकता है। उसे एक घंटे में परिणाम मिल जाएगा। शोधकर्ता इस किट को मोबाइल एप से जोड़ने की योजना बना रहे हैं ताकि किट से परिणाम न मिलने पर मोबाइल एप सूचित कर दे। इस तकनीक को एमआई-सेहत (मोबाइल इंटीग्रेटिड सेन्सीटिव एस्टीमेशन एंड हाई-स्पेशीफिसिटी एपलीकेशन फॉर टेस्टिंग) नाम दिया गया है। इसका प्रयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में कोरोना मरीजों की पहचान और घर में जांच के लिए किया जा सकता है।
विशेषज्ञों की टीम में शामिल रहे डॉ. मोहन सी जोशी का दावा है कि स्मार्ट फोन इनेबल्ड पीओसी प्रोटोटाइप विकसित किया है और इससे सार्स कोव-2 आरएनए का परीक्षण किया जा सकता है और एक घंटे में रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है।
जामिया की कुलपति नजमा अख्तर ने कहा कि यूजर फ्रेंडली होने के कारण यह किट घर पर ही कोरोना जांच को बढ़ावा देगी जिससे कोरोना मरीजों की आवाजाही तथा उनके संपर्क को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके प्रयोग से स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण होने का खतरा भी कम होगा।