फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जामिया नगर फायरिंग: नाबालिग का ओसिफिकेशन टेस्ट नहीं कराएगी पुलिस, अस्पताल को दिया था आवेदन

Wed, 05 Feb 2020 07:43 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
जामिया में फायरिंग करने वाला शख्स - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा जामिया नगर में पैदल मार्च पर फायरिंग करने वाले नाबालिग की उम्र पता करने के लिए ओसिफिकेशन टेस्ट (हड्डी की जांच) नहीं कराएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्कूल के कागजों से उम्र वेरीफाई हो गई है। अत: अब टेस्ट नहीं कराने का फैसला किया गया है। इस मामले में एक महीने के अंदर रिपोर्ट (चार्जशीट) जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) बोर्ड में पेश कर दी जाएगी। 

विज्ञापन


पुलिस ने जामिया नगर में छात्रों के पैदल मार्च पर फायरिंग करने के आरोप में जेवर के नाबालिग को पकड़ा था। इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पहले उसकी उम्र का पता करने के लिए हड्डियों का टेस्ट कराने का फैसला किया था।

पुलिस ने इसके लिए अस्पताल में आवेदन भी कर दिया था। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्कूल के कागजात से उम्र वेरीफाई होने के बाद ओसिफिकेशन टेस्ट नहीं कराने का फैसला किया गया है। नाबालिग 28 फरवरी तक मॉडन टाउन स्थित बाल सुधार गृह में है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि इससे पहले फायरिंग करने वाले नाबालिग की उम्र का पता लगाने के लिए पुलिस ने ओसिफिकेशन टेस्ट (हड्डी से उम्र का पता करने वाली जांच) के लिए अस्पताल में आवेदन दिया था। वहीं, तीन फरवरी को अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित उस स्कूल में पहुंची थी, जहां से नाबालिग ने 10वीं कक्षा पास की थी।

परिजनों की तरफ से पेश आधार कार्ड व दसवीं की मार्कशीट के मुताबिक नाबालिग की उम्र 17 वर्ष नौ महीने है। आरोपी फिलहाल 28 फरवरी तक मॉडन टाउन स्थित बाल सुधार गृह में है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बोन टेस्ट के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा। यह बोर्ड जांच के लिए तारीख देगा। इसके बाद नाबालिग का बोन टेस्ट होगा। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग कासगंज में 26 जनवरी, 2018 को हुई तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन की मौत से बहुत आहत था। इसके बाद इसके मन में हिंदू धर्म के प्रति प्रेम जागा था। वह सोशल मीडिया पर इसी तरह के भाषण व वीडियो देखता था। कुछ दिन पहले जब जेएनयू के छात्र शरजील ने देशविरोधी बयान दिया था तो वह बहुत ज्यादा दुखी हो गया था। उसने जामिया नगर में प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने का फैसला कुछ दिन पहले ही किया था। शरजील के भाषणों को सुनकर उसके मन में गोली चलाने का विचार आया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें