बता दें कि इससे पहले फायरिंग करने वाले नाबालिग की उम्र का पता लगाने के लिए पुलिस ने ओसिफिकेशन टेस्ट (हड्डी से उम्र का पता करने वाली जांच) के लिए अस्पताल में आवेदन दिया था। वहीं, तीन फरवरी को अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित उस स्कूल में पहुंची थी, जहां से नाबालिग ने 10वीं कक्षा पास की थी।
परिजनों की तरफ से पेश आधार कार्ड व दसवीं की मार्कशीट के मुताबिक नाबालिग की उम्र 17 वर्ष नौ महीने है। आरोपी फिलहाल 28 फरवरी तक मॉडन टाउन स्थित बाल सुधार गृह में है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बोन टेस्ट के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा। यह बोर्ड जांच के लिए तारीख देगा। इसके बाद नाबालिग का बोन टेस्ट होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग कासगंज में 26 जनवरी, 2018 को हुई तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन की मौत से बहुत आहत था। इसके बाद इसके मन में हिंदू धर्म के प्रति प्रेम जागा था। वह सोशल मीडिया पर इसी तरह के भाषण व वीडियो देखता था। कुछ दिन पहले जब जेएनयू के छात्र शरजील ने देशविरोधी बयान दिया था तो वह बहुत ज्यादा दुखी हो गया था। उसने जामिया नगर में प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने का फैसला कुछ दिन पहले ही किया था। शरजील के भाषणों को सुनकर उसके मन में गोली चलाने का विचार आया था।