कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि ये छात्र अपने अपने घर सुरक्षित पहुंचेंगे और जम्मू कश्मीर व झारखंड के छात्रों की तरह अपने परिवार के साथ होंगे। इससे पहले उक्त दोनों राज्यों के छात्रों को भी उनके घर भेजने की जामिया ने विशेष व्यवस्था की थी।
छात्रों की मदद करने के लिए डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) और उनकी टीम, चीफ प्रॉक्टर और उनकी टीम, प्रोवोस्ट्स, वार्डन और प्रशासनिक कर्मचारी डीएसडब्ल्यू कार्यालय में मौजूद थे। इस कार्यालय से स्क्रीनिंग सेंटर के लिए बसें रवाना हुईं। स्क्रीनिंग सेंटर में भी छात्रों की जांच प्रक्रिया के वक्त चीफ प्रॉक्टर प्रो. वसीम ए खान और अन्य शिक्षक मौजूद थे।
कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण विश्वविद्यालय बंद है, लेकिन ऑनलाइन शिक्षण और मूल्यांकन चल रहा है। हालात सामान्य होने पर विश्वविद्यालय नियमित छात्रों के लिए अगस्त 2020 में फिर से खुल जाएगा।
इन हालात के चलते हॉस्टल में रहने वाले छात्रों द्वारा अपने घर जाने की इच्छा व्यक्त करने पर विश्वविद्यालय संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय करके उनकी यात्रा की व्यवस्था कर रहा है।