कुलपति प्रो. मजहर आसिफ
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ का सोशल मीडिया पर एक बयान वायरल हो गया है। इसमें कुलपति कह रहे है कि लोग हैं, उनकी परंपराएं अलग है। यहां पर जितने लोग बैठे हुए हैं, हमको यह नहीं लगता कि सब की मातृभाषा एक होगी। हमको यह नहीं लगता कि सब जो हैं एक ही संस्कार के होंगे, एक ही संस्कृति। जियोग्राफिकली मैं बता रहा हूं, एक ही जगह के होंगे। उनका धर्म भी अलग होगा। इसके बावजूद भी हम भारतीय हैं। इसलिए हैं कि हमारे डीएनए में महादेव का डीएनए है। जिसके बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
यह बातें उन्होंने जामिया में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित युवा कुंभ कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस कार्यक्रम का आयोजन आरएसएस दिल्ली प्रांत के बैनर तले हुआ था। कार्यक्रम को लेकर सोमवार को जामिया में छात्रों ने काफी हंगामा किया था। छात्रों ने जामिया प्रशासन पर आरएसएस के कार्यक्रम को अनुमति दिए जाने को लेकर सवाल उठाए थे।
जामिया कुलपति का वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर जमकर साझा किया जा रहा है। साथ ही उनके इस बयान को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे है। बता दें कि अमर उजाला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वहीं इस वीडियो के संबंध में जामिया प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।