नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सरोजिनी नायडू सेंटर फॉर विमेंस स्टडीज और साहित्य अकादमी की ओर से भारतीय ज्ञान प्रणाली में महिलाओं की भूमिका पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें 40 से अधिक शिक्षाविद, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने के लिए महिलाओं के अनुभवों, साहित्य और सामुदायिक जीवन को भी अध्ययन का हिस्सा बनाना जरूरी है। मुख्य वक्ता समाजशास्त्री प्रो. मैत्रेयी चौधरी ने ज्ञान के निर्माण और उत्पादन की प्रक्रिया को समझने पर जोर दिया। जामिया की डीन (अकादमिक मामले) प्रो. तनुजा ने भारतीय ज्ञान प्रणाली को पुरुष-महिला और आधुनिक-प्राचीन जैसे पारंपरिक खांचों से आगे जाकर देखने की जरूरत बताई। ब्यूरो