जामिया में फायरिंग करने वाला शख्स
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जामिया नगर में पैदल मार्च पर फायरिंग करने वाले नाबालिग की उम्र का पता करने के लिए पुलिस ओसिफिकेशन टेस्ट (हड्डी से उम्र का पता करने वाली जांच) कराएगी। हालांकि स्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर उसके नाबालिग होने की पुष्टि हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए अस्पताल में आवेदन भी कर दिया है। हालांकि नाबालिग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह खुलासा नहीं किया जा रहा है कि जांच किस अस्पताल में कराई जाएगी।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस शनिवार को गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित उस स्कूल में पहुंची थी, जहां से नाबालिग ने 10वीं कक्षा पास की थी। परिजनों की तरफ से पेश आधार कार्ड व दसवीं की मार्कशीट के मुताबिक नाबालिग की उम्र 17 वर्ष 9 महीने है। आरोपी फिलहाल 28 फरवरी तक मॉडन टाउन स्थित बाल सुधार गृह में है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बोन टेस्ट के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा। यह बोर्ड जांच के लिए तारीख देगा। इसके बाद नाबालिग का बोन टेस्ट होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग कासगंज में 26 जनवरी, 2018 को हुई तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन की मौत से बहुत आहत था। इसके बाद इसके मन में हिंदू धर्म के प्रति प्रेम जागा था। वह सोशल मीडिया पर इसी तरह के भाषण व वीडियो देखता था। कुछ दिन पहले जब जेएनयू के छात्र शरजील ने देशविरोधी बयान दिया था तो वह बहुत ज्यादा दुखी हो गया था। उसने जामिया नगर में प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने का फैसला कुछ दिन पहले ही किया था। शरजील के भाषणों को सुनकर उसके मन में गोली चलाने का विचार आया था।
यूपी में कई जगह दिल्ली पुलिस की दबिश
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की दो टीमों ने शनिवार व रविवार की रात यूपी में कई जगह दबिश दी। पुलिस ने जेवर, अलीगढ़ व ग्रेटर नोएडा में नाबालिग को तमंचा देने वाले दोस्त की तलाश की।