पुलिस की लाठियों के बीच साथियों को बचाती युवतियां
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने कभी भी छात्रों के इलाज के नाम पर मदद नहीं मांगी है। विश्वविद्यालय प्रशासन इतना सक्षम है कि वह लाठीचार्ज में घायल छात्रों का इलाज करवा सकता है। इसलिए आम लोगों से अपील की जाती है कि जामिया छात्रों के इलाज पर मदद की बात झूठ है।
जामिया रजिस्ट्रार एपी सिद्दीकी की ओर से गुरुवार की ओर आम लोगों के नाम अपील की गई है। रजिस्ट्रार ने अपनी अपील में लिखा है कि जामिया कैंपस के बाहर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उग्र प्रदर्शन के बीच पुलिस द्वारा परिसर के अंदर आकर लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। इस लाठीचार्ज में कई छात्रों को चोट लगी है। हालांकि इन छात्रों का इलाज जामिया प्रशासन करवा रहा है।
जामिया प्रशासन को सूचना मिली है कि इन जख्मी छात्रों के इलाज के नाम पर आर्थिक मदद (डोनेशन) मांगी जा रही है। यह बिल्कुल गलत है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन की ओर से इन छात्रों के इलाज के लिए किसी प्रकार की मदद नहीं मांगी है। इसलिए गलत जानकारी के आधार पर ऐसे ही किसी को आर्थिक मदद न दें।