हरियाणा में हो रहे जाट आरक्षण आंदोलन के समर्थन शुक्रवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने यूपी बॉर्डर जाम कर दिया।
हालांकि भारी पुलिसबल ने तुरंत कार्यकर्ताओं को किनारे करते हुए वाहनों को बॉर्डर के फ्लाईओवर के नीचे से डायवर्ट किया। करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका। समिति के अनुसार शनिवार से प्रदेश के अन्य जिलों में भी आरक्षण की मांग तेज की जाएगी।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक की अगुवाई में बड़ी संख्या में जाट कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर एक बजे ज्ञानी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए।
हंगामे की आशंका पर भारी पुलिसबल बॉर्डर पर मौजूद था। यशपाल मलिक ने बताया कि एक दो नहीं सात राज्यों में जाट समुदाय के लोग रहते हैं। ऐसे में उन्हें तुरंत आरक्षण दिया जाना चाहिए।
जाम और ट्रेन रोके जाने के पीछे जाट समुदाय का गुस्सा है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है। इस दौरान कार्यकर्ता बॉर्डर फ्लाईओवर पर चढ़ गए, जिससे जाम लग गया। पुलिस ने तुरंत वाहनों को फ्लाईओवर के नीचे से डायवर्ट किया। वाहन चालकों को करीब एक घंटे जाम से जूझना पड़ा।
हरियाणा रूट पर नहीं भेजी जाएंगी मालगाड़ियां
रेलवे हेडक्वार्टर ने निर्देश जारी किया कि हरियाणा रूट पर जाने वाली मालगाड़ियांें को रोका गया है। अन्य रूटों की माल गाड़ियां शकूरबस्ती, तुगलकाबाद और पटेल नगर से निकाली जाएंगी।
आंदोलन के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। पुराना रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक सुरेश मेहता ने बताया कि रेलवे हेडक्वार्टर से आदेश मिला है कि हरियाणा की तरफ जाने वाली माल गाड़िया को फिलहाल रोका जाए।
जो अन्य रूट की माल गाड़ियां होंगी, वह शकूरबस्ती, तुगलकाबाद और पटेल नगर के रास्ते आगे पास किया जाएगा। हालांकि उन्हाने बताया कि इस रूट पर संचालन कब शुरू होगा इसकी समय सीमा तय नहीं है।
हरियाणा जाने वाले कई मार्ग बंद, बसें प्रभावित
जाट आंदोलन का असर बसों के संचालन पर भी पड़ने लगा है। रोडवेज ने हरियाणा की ओर जाने वाली बसों को न चलाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही प्रदेश में बसों के संचालन पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। एआरएम कार्मिक अतुल श्रोत्रिय ने बताया कि एनसीआर और मेरठ से करीब 20 बसों का संचालन रोजाना किया जाता है।
यात्रियों को बसों में पानी और बिस्कुट आदि लेकर चलने की सलाह दी गई है। गाजियाबाद महानगर गुड्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष मैत्रीय ने बताया कि आंदोलन हरियाणा तक ही सीमित है।
इसलिए ट्रक डायवर्ट होकर यहां पहुंच रहे हैं। यदि लोकल स्तर पर भी आंदोलन शुरू हुआ तो परेशानी बढ़ जाएगी।
50 ट्रेनें रद्द
जाट आंदोलन ने रेलवे के मुसाफिरों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को दिल्ली-रोहतक, दिल्ली-अंबाला व दिल्ली-जयपुर रूट बाधित रहा। इससे राजधानी, शताब्दी समेत दिल्ली डिवीजन की करीब पचास रेल गाड़ियां रद्द रहीं। कई ट्रेनों को रविवार तक के लिए कैंसल कर दिया गया है।
शुक्रवार को 12425 नई दिल्ली-जम्मू तवी राजधानी एक्सप्रेस, 12045 नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी, 12037/12038 नई दिल्ली-लुधियाना शताब्दी, 12057 नई दिल्ली-ऊना जनशताब्दी, 12013 नई-दिल्ली अमृतसर शताब्दी, 12005 नई दिल्ली-कालकाजी शताब्दी, 14035 पठानकोट एक्सप्रेस, 12459 नई-दिल्ली अमृतसर एक्सप्रेस, 14731 22461 नई दिल्ली-वैष्णोदेवी कटरा श्री शक्ति एक्सप्रेस, 14033 नई दिल्ली-वैष्णोदेवी कटरा जम्मू मेल, 14011 दिल्ली-होशियारपुर एक्सप्रेस, 12445 नई दिल्ली-वैष्णोदेवी कटरा उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस आदि रद्द रहीं।
दिल्ली-पानीपत ईएमयू, गाजियाबाद-पानीपत, दिल्ली-पानीपत, निजामुद्दीन-कुरूक्षेत्र, दिल्ली-पानीपत और गायिजाबाद-दिल्ली ईएमयू भी नहीं चली।