जालौन में गोबर से करोड़ों का कारोबार
जालौन के उरई स्थित चमारी गांव में महिला उद्यमी विनीता पांडेय गौशाला चलाती हैं। विनीता पांडेय का कहना है कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसानों को भी आय हो रही है। उन्होंने वर्ष 2021 में गौशाला की शुरुआत की थी। यहां 201 तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं, जिन्हें खरीदने के लिए देशभर से लोग आते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके इस काम की सराहना की है। यहां गोबर से मूर्तियां, पेंट, खाद समेत कई अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इनसे लाखों रुपये की आय हो रही है। गौशाला में करीब 50 महिलाएं भी काम करती हैं।
एरी रमपुरा बनी मॉडल ग्राम पंचायत
जालौन के एरी रमपुरा गांव में बदलती तस्वीर को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की गई। ग्राम प्रधान ओमकार पाल ने बताया कि सरकार के सहयोग के बाद आज गांव में काफी बदलाव आया है। पहले गांव में आने-जाने के लिए उचित सड़कें नहीं थीं। आज विद्यालय का कायाकल्प हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस गांव में आए थे। मुख्यमंत्री के प्रयासों से राजकीय विद्यालय का निर्माण हुआ और अमृत सरोवर भी बनाया गया। पंचायत का भी कायाकल्प हुआ है। गांव के लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय से मिलता रहता है। सफाई कर्मचारी गणपति सिंह ने बताया कि आठ साल पहले और आज के समय में गांव में काफी बदलाव आया है। बीते कुछ वर्षों में यह ग्राम पंचायत मॉडल के रूप में विकसित हुई है।
गुढ़ा में बना मेगा सोलर प्लांट
जालौन जिले के गुढ़ा में मेगा सोलर प्लांट बनाया गया है। इससे कितने लोगों को लाभ मिल रहा है, इसे लेकर स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत की गई। केयरटेकर विमलेश तिवारी ने बताया कि वह बीते छह महीने से यहां काम कर रहे हैं। प्लांट में करीब पांच लाख यूनिट बिजली का प्रतिदिन उत्पादन होता है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि यहां सौर ऊर्जा से जुड़ी चार हजार मेगावाट की परियोजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें से तीन हजार मेगावाट की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। कई कंपनियां यहां सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रही हैं।
ओडीओपी में शामिल हुआ हैंडमेड पेपर
जालौन के हैंडमेड पेपर को ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) में शामिल किया गया है। चित्रकार रोहित ने बताया कि वह बीते 24 वर्षों से इस काम से जुड़े हैं। ओडीओपी योजना के तहत इस कला को संवारने और बढ़ावा देने का काम शुरू हुआ है। दिव्यांशी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से इस कला को सीख रही हैं। उन्हें पुरानी कलाओं को सीखना अच्छा लगता है। सरकार भी इस कला पर ध्यान दे रही है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।