निर्भया के दोषी मुकेश की ओर से दया याचिका दायर होने के बाद जेल प्रशासन ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर दोषियों के कानूनी विकल्पों से अवगत कराया है और अगले कदम के बारे में निर्देश देने का आग्रह किया है।
पत्र में राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद जेल मैनुअल के मुताबिक दोषी को 14 दिन की मोहलत देने की बात भी लिखी गई है। जेल के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार की ओर से जो भी निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा।
जेल अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को जेल प्रशासन की ओर से दिल्ली सरकार को लिखे गये पत्र का हवाला अदालत में दिया जाएगा। साथ ही अदालत के सामने पूरी रिपोर्ट पेश की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जेल मैनुअल के नियम संख्या 840 में इस बात का उल्लेख है कि डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल प्रशासन सरकार को पत्र लिखेगी और उन्हें यह निर्देशित करने का आग्रह करेगी कि फांसी देनी है या इसे रोकना है।
इसमें इस बात का भी उल्लेख है कि जेल प्रशासन फांसी की तारीख से एक दिन पहले भी सरकार को पत्र लिखकर फांसी के लिए निर्देश देने का आग्रह करेगा। अगर सरकार की ओर से फांसी रोकने के लिए निर्देश जारी नहीं होते हैं तो दोषी को तय तारीख को फांसी दे दी जाएगी।