आरएएफ की महिला टुकड़ी इलाके में गश्त करती हुई
- फोटो : शुभम बंसल
दिल्ली के जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हुए बवाल को चार दिन हो चुके हैं लेकिन यहां हालात अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि जब तक इलाके में हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाते, तब तक यहां भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हुए बवाल में आठ पुलिसवालों समेत कुल नौ लोग घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार यहां पत्थरबाजी के साथ ही कुछ गाड़ियों में आगजनी भी की गई। सोमवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने भी कहा था कि जहांगीरपुरी समेत दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तब तक तैनात रहेंगे जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।
एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कमिश्नर राकेश अस्थाना बोले, हमने न सिर्फ जहांगीरपुरी बल्कि अन्य इलाकों में भी पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। हम सर्विलांस और स्थिति पर नजर रखने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना न हो।
जिस मस्जिद से कथित तौर पर शोभायात्रा पर हमला किया गया उस रोड को भी बंद कर पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है और पुलिस बैरिकेडिंग की गई है। बैरिकेड के पास पुलिस ने टेंट भी लगा लिए हैं। इलाके में 24 घंटों 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, आरएएफ की छह कंपनियां यहां तैनात रहती हैं।
यही नहीं कुल 80 आंसू गैस की टुकड़ियां व वाटर कैनन भी तैनात हैं। संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए छतों पर ड्रोन भी तैनात हैं। सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश है कि वह इलाके में तैनात रहें और कोई अप्रिय घटना न हो। सोमवार को पुलिस की अमन कमेटी द्वारा जहांगीरपुरी में पीस मार्च भी आयोजित किया गया। इसने लोगों से शांति सौहार्द बनाए रखने के साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की गई।